टेंडर घोटाले में पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार के निदेशक ने दर्ज कराए बयान
गाजियाबाद। नोएडा प्राधिकरण के टेंडर घोटाले में मंगलवार को सीबीआई कोर्ट की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। अदालत में पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार के निदेशक प्रशांत रंजन ने बयान दर्ज कराया। उन्होंने अदालत को बताया कि टेंडर की जांच-पड़ताल के निर्देश दिए थे। इस घोटाले में यह 33 गवाह हैं। पूरे मामले में 70 गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। अगली सुनवाई के लिए 10 जून की तारीख लगाई है। सुनवाई के दौरान मुख्य अभियंता यादव सिंह और उनकी पत्नी कुसुम लता, विनोद गोयल की ओर से उनके अधिवक्ता ने हाजिरी माफी दी। अदालत में एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रदीप गर्ग, पंकज जैन, रामेंद्र आरडी शर्मा, ओमपाल और राजीव सहित अन्य आरोपी उपस्थित थे। सीबीआई कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि वर्ष 2011 में नोएडा में अंडरग्राउंड केबल डालने के काम में 20 करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ था। सीबीआई ने जांच में माना की साजिश के तहत टेंडर निकालने की प्रक्रिया बिना पूरा किए ही चहेती फर्मों को काम दे दिया था।