रोशनी ने पीएम से पूछा सवाल, परीक्षा को गंभीरता से लें या उत्सव की तरह
गाजियाबाद। नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुए कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज विजयनगर की 11वीं की छात्रा रोशनी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछे गए सवाल पर खूब तालियां बजीं। रोशनी ने पीएम से पूछा कि क्या छात्र परीक्षा से डरते हैं या फिर अभिभावकों और शिक्षकों से। शिक्षक और अभिभावक परीक्षा को गंभीरता से लेने की बात कहते हैं। परीक्षा को गंभीरता से लें या फिर उत्सव की तरह। छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि आपने बड़ी चतुराई से सवाल अभिभावकों और शिक्षकों के लिए पूछा है, और चाहती हैं कि मैं अभिभावक और शिक्षकों के लिए कुछ कहूं। उन्होंने कहा कि इस प्रश्न से साफ है कि आप दवाब में हैं। आप इस उलझन में हैं कि अभिभावकों और शिक्षकों की बात मानें या अपने दिल की। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों को यह बात समझनी होगी कि हर बच्चे की अपनी शक्ति, सामर्थ्य और सीमा होती है। ऐसे में अपने सपनों को बच्चों पर न थोपें। क्योंकि सपने थोपना बच्चों के विकास में बाधक है। हमें बच्चों की सीमा, शक्ति और सामर्थ्य को जानने व समझने का प्रयास करना होगा। उसके सपनों को समझना होगा। बच्चों को भी अभिभावकों और शिक्षकों की उन चीजों और बातों को स्वीकार करना होगा, जिन्हें वे सहज भाव से पूरे मन के साथ पूरा करने में सक्षम हों। ऐसा करने से एक दिन वह अपने परिवार, शिक्षक और स्कूल केलिए गौरव बन जाएंगे।