पति की हत्या कर नर्स ने बताई आत्महत्या...बच्चों ने खोला राज
गाजियाबाद। सर्वोदय अस्पताल में नर्स कविता (32) ने पति महेश राणा (35) की हत्या कर वारदात को आत्महत्या का रूप देने प्रयास किया लेकिन उसके बच्चों ने पुलिस के सामने सच्चाई बयां कर साजिश को नाकाम कर दिया। उसने जोर-जोर से रोने का नाटक करते हुए पुलिस से कहा कि पति ने फांसी लगाकर जान दी है जबकि बच्चों ने बताया कि मम्मी पापा की छाती पर बैठी थी और कह रही थी कि उनके मुंह में गुटखा फंस गया है, उसे निकाल रही हैं। शक होने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो नर्स ने जुर्म कुबूल करते हुए बता दिया कि उसने प्रेमी विनय शर्मा (30) की साजिश पर यह वारदात की। पुलिस ने कविता और विनय को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने शनिवार को बताया कि शास्त्रीनगर में 29 नवंबर की रात कविता ने वेल्डिंग का काम करने वाले पति के सोते हुए उसके मुंह में चादर ठूंस दी थी। इसके बाद तकिया रखकर मुंह दबाया था। उसकी मौत हो जाने पर वह उसे शास्त्रीनगर के ही सर्वोदय अस्पताल ले गई थी। इसी अस्पताल में वह नर्स है। वहां उसने बताया कि पति ने चादर से फंदा बनाकर फांसी लगा दी। अस्पताल से इसकी सूचना कविनगर थाना पुलिस को मिली।
पुलिस अस्पताल पहुंची तो कविता ने कहा कि उनमें विवाद चल रहा था, कई बार झगड़ा हुआ था, इसी में पति ने आत्महत्या कर ली है। वह अस्पताल में ही बुरी तरह रो रही थी लेकिन कविता के बच्चों ने पिता के आत्महत्या करने की बात को गलत बताया। इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बता चला कि महेश की मौत दम घुटने से हुई है। इससे साफ हो गया कि मामला आत्महत्या का नहीं, हत्या का है। कविता ने पूछताछ में बताया कि महेश नशे में आता था। उसे पीटता था। विनय से उसके संबंधों का विरोध करता था। विनय को बताया तो उसने साजिश बनाई। गौतमबुद्धनगर के कुड़ी खेड़ा, बादलपुर निवासी विनय अस्पताल में बीमा पॉलिसी का काम देखता है। वह शादीशुदा है। उससे दो साल से संबंध थे।
पापा की छाती पर बैठी हुई थी मम्मी
अस्पताल से सूचना मिलने पर घर पहुंची तो कविता की 13 साल की बेटी और आठ साल के बेटे ने बताया, रात में पापा के कमरे से आवाज आने पर वे वहां पहुंचे थे। उन्होंने देखा कि पापा लेटे हैं, मम्मी उनकी छाती पर बैठी है। पापा के मुंह में चादर ठूंस रखी है। उन्होंने मम्मी से पूछा कि पापा को क्या हो गया? मम्मी ने जवाब दिया, कुछ नहीं हुआ है, गुटखा मुंह में फंस गया है, उसे निकाल रही हूं, तुम चले जाओ। वे चले गए तो थोड़ी देर बाद मम्मी, पापा को लेकर अस्पताल चली गई।
शराब के नशे में पीटा, इसलिए ली जान
कविता ने पुलिस पूछताछ में बताया कि महेश ने शराब के नशे में उसे कई बार पीटा। वह पीटते हुए कहता था कि विनय का साथ छोड़ दे, वरना उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा। उसने विनय से भी कहा था कि वह घर न आया करे। इस पर विनय ने कहा था कि हत्या करके आत्महत्या का रूप दे दो। 29 की रात भी महेश शराब पीकर आया और उसे पीटा। हालांकि, जेल जाते हुए कविता ने मीडियाकर्मियों को देखते ही कहा, मैंने हत्या नहीं की, मुझे पुलिस ने फंसा दिया है।
प्रेमी को मेसेज किया, काम हो गया
जेठ को दी आत्महत्या की खबर
सीओ कविनगर रितेश त्रिपाठी ने बताया कि हत्या रात करीब साढ़े ग्यारह बजे की गई। पुलिस ने कविता और महेश के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और व्हाट्स एप चैट निकलवाई। इससे वारदात की पूरी कहानी साफ हो गई।
1. वारदात से पहले महेश ने अपने बड़े भाई यशवंत को फोन किया। उसने कहा कि कविता और उसका प्रेमी विनय उसे मार देंगे। उसका कविता से झगड़ा हुआ था। उसने यशवंत से कहा कि कविता बहुत गुस्से में है, विनय कई बार घर आकर हत्या की धमकी दे चुका है, आज ये दोनों कुछ करेंगे। यशवंत ने बताया कि महेश नशे में था, उसे लगा कि इनमें झगड़ा होता रहता है। इसलिए, नजरअंदाज कर दिया।
2. महेश की हत्या करने के बाद कविता ने सबसे पहले प्रेमी विनय शर्मा को व्हाट्सएप पर मेसेज किया। इसमें लिखा था, काम हो गया है। विनय ने जवाब में लिखा, मेसेज मत करो। बाद में पूछताछ में विनय ने इसके बारे में बताया कि वह जानता था कि मेसेज को पुलिस रिकवर कर सकती है, वे फंस सकते हैं।
3. विनय के बाद कविता ने जेठ यशवंत को फोन कर कहा कि तुम्हारे भाई ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस पर यशवंत महेश के घर पहुंचा। महेश की मौत हो चुकी थी। कविता उसके साथ मिलकर महेश को अस्पताल ले गई। उसने सोचा कि झगड़े की वजह से महेश ने आत्महत्या कर ली होगी।