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Ghaziabad News: पुलिस व्यवस्था को लोगों के अनुकूल और पारदर्शी बनाएंगे

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पुलिस व्यवस्था को लोगों के अनुकूल और पारदर्शी बनाएंगे
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गाजियाबाद। पुलिस व्यवस्था को लोगों के अनुकूल और पारदर्शी बनाएंगे। ऐसी पुलिसिंग कराने का प्रयास होगा जिसमें लोग आपस में भावनात्मक रूप से जुड़ सकें। हम लोगों को सुरक्षित माहौल देंगे। हर तरह की अपराधिक गतिविधियों को जड़ से खत्म करेंगे... यह कहना है कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के पहले पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा का। उन्होंने गाजियाबाद की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सवालों के विस्तार से जवाब दिए।
उन्होंने बताया कि पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी। साथ ही महिला सुरक्षा प्राथमिकता होगी। इसके लिए शासन की ओर से कमिश्नरेट में एक महिला अधिकारी को भी नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर काम करेंगे। पुलिसिंग ऐसी होगी कि जिसमें सभी लोगों की परेशानी को सुनकर उसका जल्द व प्रभावी निवारण किया जा सके।
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आज लेंगे चार्ज
2003 बैच के आईपीएस अजय कुमार मिश्रा बुधवार को चार्ज लेंगे। पुलिस कमिश्नर नियुक्त किए जाने से पहले वह डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध थे। बलिया के रहने वाले अजय कुमार मिश्रा के पिता कुबेर नाथ शर्मा यूपी पुलिस कांस्टेबल थे। वह अपने कार्यकाल के अधिकांश समय वाराणसी में तैनात रहे। वहीं सरकारी क्वार्टर में परिवार के साथ रहकर अजय कुमार मिश्रा ने अपने प्रारंभिक शिक्षा पूरी की।
सवाल : गाजियाबाद कमिश्नरेट के आप पहले कमिश्नर हैं, आपकी क्या प्राथमिकता रहेंगी?
जबाव : कमिश्नरेट बनने पर मुझे पहले कमिश्नरेट के रूप में जिम्मेदारी मिली है। बेहतर पुलिसिंग से अपराध रोकना पहली प्राथमिकता है। इसके लिए पहले शहर को समझकर पारदर्शी और लोगों के अनुकूल प्रणाली लागू करेंगे।
सवाल : कमिश्नरेट बनने से लोगों को क्या फायदा होगा?
जबाव : कमिश्नरेट बनने से कई प्रशासनिक अधिकार पुलिस को मिल गए हैं। पहले गुंडा एक्ट समेत अन्य कई कार्रवाई के लिए फाइल कई महीनों तक दफ्तरों में घूमती रहती थी लेकिन अब जल्द कार्रवाई होगी। इससे अपराध को होने से पहले रोकने में मदद मिलेगी। आईपीएस अधिकारियों की संख्या बढ़ने से गुणवत्तापूर्ण काम होगा।
सवाल : लूट-चोरी से ज्यादा साइबर अपराध बढ़ गया है, इसपर लगाम लगाने के लिए क्या करेंगे?
जबाव : इसके लिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। साइबर एक्सपर्ट बनाए जाएंगे। साइबर सिक्योरिटी एजेंसी से संपर्क कार्यक्रम कराएंगे। साइबर थाने की जरूरत होगी तो इसके लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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सवाल : जिला की सीमा दिल्ली और अन्य कई जिलों से सटी है। चेन लूट रोकना बड़ी चुनौती बना हुआ है, इसके लिए क्या करेंगे?
जबाव : शहर को समझकर फोर्स से बात करके होने वाली वारदात की टाइमिंग और तरीके को समझकर इस पर लगाम लगाई जाएगी। इसके लिए दिल्ली और आसपास जिले की पुलिस से समन्वय बनाया जाएगा।
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