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11 वर्षीय बच्ची को अगवा कर मांगी तीस लाख की फिरौती

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11 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर मांगी 30 लाख की फिरौती
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गाजियाबाद। नंदग्राम क्षेत्र के नई बस्ती की रहने वाली 11 वर्षीय खुशी का अपहरण कर आरोपियों ने उसके पिता सोनू को कॉल कर 30 लाख की फिरौती मांगी है। अपहरणकर्ताओं ने तीन दिन में रुपये नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी है। सोनू ने नंदग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सोमवार को 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी पुलिस की पांच टीमें बच्ची को बरामद नहीं कर पाई है। परिजन थाने में ही बच्ची की बरामदगी का इंतजार कर रहे हैं।
सोनू अपनी पत्नी के साथ हरियाणा के टोकी मनोली में रहते हैं। उनके पास तीन जेसीबी मशीन है, जिसे वह चलवाते हैं। उनकी बेटी खुशी अपनी नानी के घर नंदग्राम के नई बस्ती मोहल्ला में रहती है। सोनू ने बताया कि रविवार दोपहर पौने दो बजे उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने उनसे पूछा कि खुशी तुम्हारी बेटी है। हां कहने पर कॉलर ने बेटी के अपहरण करने की बात कहते हुए फिरौती मांगी। कॉल खत्म होने के बाद सोनू ने अपने साले सतीश को फोन किया। सतीश ने घर पर देखा तो खुशी वहां नहीं मिली। उस वक्त खुशी की नानी शांति और नाना बिजेंद्र खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। काफी तलाश के बाद खुशी नहीं मिली तो सतीश ने मामले की नंदग्राम थाने में सूचना दी।
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घर पर लगा मिला ताला, करीबी पर शक
फिरौती की कॉल आने के बाद सोनू ने जैसे ही अपने साले सतीश को सूचना दी तो सतीश ने घर जाकर देखा तो घर पर ताला लगा मिला। पुलिस को जांच में पता चला कि वह ताला उनके घर का ही है। इससे पुलिस को करीबी पर शक है।
मां ने की थी दूसरी शादी
खुशी के पिता मोन सिंह की 2015 में मौत हो गई थी। पारिवारिक सहमति से खुशी की मां ममता ने देवर सोनू से शादी कर ली थी। ममता के पहले एक बेटी और एक बेटा है। सोनू से शादी के बाद उनका एक ओर बेटा हुआ। तीनों बच्चों में खुशी सबसे बड़ी है। वह तीसरी कक्षा की छात्रा है।
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एसपी क्राइम और मेरे नेतृत्व में पांच टीमों का गठन किया गया है। टीमें बच्ची की तलाश में जुटी हैं। जल्द ही बच्ची को सकुशल बरामद कर मामले का खुलासा किया जाएगा। - निपुण अग्रवाल, एसपी सिटी
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