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बिजली कनेक्शन काटने का डर दिखाकर खातों में लगा रहे सेंध

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बिजली कनेक्शन काटने का डर दिखाकर खातों में लगा रहे सेंध
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गाजियाबाद। आपका बिजली बिल जमा नहीं हुआ है, अगर जल्द जमा नहीं किया तो रात तक आपके घर का बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा। इस तरह के मेसेज व कॉल पर ध्यान न दें। अगर आपने ध्यान देकर कॉलर के कहे अनुसार काम किया तो आपके बैंक खाता खाली हो सकता है। इसी तरह से ठगी के इस साल 50 मामले साइबर सेल में आ चुके हैं।
साइबर अपराधी विभिन्न तरीकों से लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं शातिरों ने अब लोगों को मेसेज व कॉल कर बिजली कनेक्शन काटने का डर दिखा बैंक खातों में सेंध लगाकर खाते खाली कर रहे हैं। कॉलर से अगर आप कहते हैं कि हमारा बिल तो जमा है तो वह बिल अपडेट नहीं होने की बात कहकर अपडेट कराने के लिए पांच व 10 रुपये में अपडेट करने के लिए कहकर एप डाउनलोड कराकर फोन हैक करके खाते से रुपये निकाल रहे हैं।
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एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि ठगी करने वाले सभी गिरोह को ट्रेस करने के लिए साइबर सेल लगी है। शातिर ठगी करने के तरीके बदल रहे हैं। ठगी से बचने के लिए जागरूक व सक्रिय रहने की जरूरत है। साइबर अपराधियों को ट्रेस कर पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
-बैंक मेनेजर से ठगे 20 हजार
राजनगर निवासी बैंक मैनेजर कैलाश देव खन्ना को शातिरों ने बिजली का बिल जमा नहीं होने का मेसेज भेजा और फिर कॉल की। कॉलर ने खुद को ऊर्जा विभाग से विवेक कुमार बताया और बिजली का बिल जमा नहीं होने का डर दिखाकर कनेक्शन काटने को कहा। कैलाश देव ने कहा कि उनका कोई बिल बाकी नहीं है। इस पर कॉलर ने बिल अपडेट नहीं होने की बात कही। बिल अपडेट कराने के लिए 10 रुपये का भुगतान करके बिल अपडेट कराने को कहा। शातिर ने इसके लिए एप डाउनलोड कराया जैसे ही कैलाश देव ने 10 रुपये का भुगतान किया तो शातिर ने उनका फोन हैक कर उनके खाते से दो बार में 20 हजार रुपये निकाल लिए। मामले में उन्होंने साइबर सेल से शिकायत कर कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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-बिल अपडेट के करना होगा पांच रुपये का भुगतान
गोविंदपुरम आइ-ब्लाक के प्रतीक तोमर को बिजली का कनेक्शन काटने का झांसा देकर शातिरों ने उनके खाते से 78 हजार रुपये निकाल लिए। प्रतीक तोमर का कहना है कि नौ अक्तूबर की दोपहर उनके वाट्सएप पर अनजान नंबर से मेसेज आया। जिसमें बिजली का बिल जमा न होने के कारण रात तक कनेक्शन काटने की बात लिखी थी। अगले दिन उनके पिता रमेश पाल ने उस नंबर पर कॉल किया तो कॉल उठाने वाले ने खुद को बिजली विभाग से कर्मचारी सुमित कुमार बताया। रमेश पाल ने इस बारे में प्रतीक को बताया। प्रतीक ने उसे बताया कि वह बिल जमा कर चुके हैं उनका कोई बिल बाकी नहीं है। शातिर ने बिल अपडेट नहीं होने की बात कहकर झांसे में ले लिया और पांच रुपये का भुगतान कर बिल अपडेट कराने को कहा। प्रतीक ने उसकी बताई एप डाउनलोड कर पांच रुपये का भुगतान किया तो फोन हैक हो गया और उनके खाते से 78 हजार रुपये की ट्रांजेक्शन कर ली। मामले में उन्होंने साइबर सेल से शिकायत कर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इन बातों का रखें ध्यान
- किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक को न खोलें।
- बिजली बिल की जानकारी के लिए नजदीकी बिजली घर पर संपर्क करें। किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल पर वरीयता न दें।
- बिजली विभाग की ओर से बिल संबंधी कोई कॉल ग्राहक को नहीं की जाती है।
- बिल संबंधी जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट यूपीपीसीएल पर जाकर ले सकते हैं।
- कॉलर द्वारा बताई गई किसी भी एप को डाउनलोड न करें।
विभिन्न तरीकों से इस साल हुई ठगी
क्रेडिट कार्ड - 984
ओएलएक्स - 150
नौकरी - 190
लोन व पॉलिसी - 553
केवाईसी - 917
सोशल मीडिया - 1205
(आंकड़ा 2022 अक्तूबर तक)
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