ट्रांसपोर्टर की हत्या में छह आरोपी दोषी करार
गाजियाबाद। रुपये के लेनदेन में सवा छह साल पहले ट्रांसपोर्ट कारोबारी विकास की हत्या के मामले में अदालत ने छह लोगों को दोषी करार दिया है। मामले में शुक्रवार को सजा पर सुनवाई होगी।
कोटगांव निवासी देवेंद्र कुमार ने चार जुलाई 2016 को नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि बेटा विकास कुमार ट्रांसपोर्टर था। काम के दौरान ही विकास की दोस्ती नीरज शर्मा से हो गई थी। घटना से करीब चार साल पहले नीरज ने पत्नी को पार्षद का चुनाव लड़ाने की बात कहते हुए विकास से दस लाख रुपये उधार लिए थे। काफी समय बाद उनके बेटे ने रुपयों को तकादा किया तो नीरज शर्मा आनाकानी करने लगा। आरोप है कि तीन जुलाई 2016 को की रात करीब साढ़े 11 बजे उनका बेटा विकास दोस्तों के साथ जीटी रोड से घर लौट रहा था। रास्ते में नीरज शर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके बेटे पर चाकू से हमला कर घायल कर दिया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामले में उन्होंने नीरज शर्मा उसके साथियों नीरज उर्फ छिद्दा, पंकज उर्फ काली, विनोद कुमार, विशाल उर्फ पप्पू, बिट्टू उर्फ विनय कुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-7 नेत्रपाल सिंह की अदालत में चल रही थी। बृहस्पतिवार को अदालत ने सभी छह आरोपियों को दोषी करार दिया दे दिया है।