शातिर ने खुद को कभी इंस्पेक्टर तो कभी आईपीएस बता ठगे 50 लाख
गाजियाबाद। कविनगर थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार की सुबह ऐसे ठग को साथी सहित गिरफ्तार किया है जो कभी खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर ठगी करता है तो कभी इंस्पेक्टर। 12 वीं पास शातिर बहरूपिया 16 साल में 20 से ज्यादा लोगों से लगभग 50 लाख की ठगी कर चुका है। बड़ी सफाई से बुने गए उसके फरेब के जाल में फंसकर महिला सिपाही न केवल उससे शादी कर बैठी बल्कि उसके छल-प्रपंच को सच मानकर लाखों रुपये भी गंवा दिए। सिपाही को झांसे में लेने के लिए उसने खुद को मृतक आश्रित कोटे में भर्ती हुआ दरोगा बताया था। यह उसकी दूसरी शादी थी। इससे पहले उसने खुद को सिपाही बताकर विवाह किया था।
इस ठग का नाम है जोगेंद्र यादव उर्फ अमित कु मार जो मूल रूप से फिरोजाबाद के सिरसागंज का है, लेकिन तीन साल से गाजियाबाद में रह रहा था। उसके साथ पकड़ी गई डासना के मसूरी निवासी राजकुमारी ठगी में उसका साथ देती थी। जोगेंद्र खुद को इंस्पेक्टर बताकर कई लोगों से पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर भी ठगी कर चुका है । पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसने ठगी को ही अपना पेशा बना लिया है। दो बार जेल जा चुका है लेकिन बाहर आते ही वर्दी पहनता है और जालसाजी का जाल बिछाकर ठगी में लग जाता है।
सीओ सदर निमिष पाटिल ने बताया कि वह कुछ दिनों से गाजियाबाद के गोविंदपुरम में इंस्पेक्टर अमित कुमार के नाम से किराये पर रह रहा था। उसने शास्त्रीनगर के फूल सिंह से बेटे की होमगार्ड विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर 2.5 लाख रुपये ठग लिए थे। इसी की शिकायत पर उसे पकड़ा गया है। जांच में पता चला कि उसने धौलाना के मीरापुर गढ़ी निवासी नीरज कुमार से दिल्ली पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये ठगे थे। पुलिस ने उसके पास से यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर की वर्दी, कार, बाइक, फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। जोगेंद्र इससे पहले इटावा और मैनपुरी से दो बार जेल जा चुका है।
दूसरी शादी के लिए पहली पत्नी को बताया मृत
कविनगर थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि पूछताछ में शातिर अमित उर्फ जोगेंद्र ने बताया कि 2006 में उसने खुद को सिपाही बताकर शादी की थी। 2010 में सच्चाई पता चलने पर शादी टूट गई। इसी मामले में वह मैनपुरी से जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद उसकी मुलाकात एक महिला सिपाही से हुई। उसे उसने 2005 का आश्रित यूपी पुलिस में दरोगा और पहली पत्नी की बीमारी के कारण मौत होने की बात कहकर 2013 में शादी कर ली। पोल खुलने पर जांच हुई तो पता चला कि पहली पत्नी जीवित है। महिला सिपाही से पहले तो झूठ बोलकर शादी की। इसके बाद उसने पत्नी से कई बार में मजबूरी बताकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। पत्नी के नाम पर ही उसने अर्टिका कार खरीदी। उसमें ही अधिकारी बनकर घूमता था। पत्नी ने पुलिस को बताया कि अमित ने पेटीएम व अन्य माध्यमों से उनसे पांच लाख रुपये ले लिए।
आईपीएस बनकर कराया स्वागत, अगले दिन गिरफ्तार
शातिर अमित नाम से ही पुलिस अधिकारी बनकर घूमता था। 2016 में उसने अपनी सिपाही पत्नी को बताया था कि उसका आईपीएस के लिए चयन हो गया है। 2017 में हैदराबाद में ट्रेनिंग पर जाने की बात कहकर घर से चला गया। 26 अक्तूबर 2018 में आईपीएस की पासिंग आउट परेड में शामिल होने की फोटो दिखाईं। यह उसने एक फोटो में छेड़छाड़ करके बनवाई थी। इसके बाद 29 अक्तूबर 2018 को खुद को आईपीएस बताकर इटावा गया। उसके परिचितों ने उसका स्वागत किया। अगले दिन इटावा पुलिस को चेकिंग के दौरान उसके फर्जी होने का पता चल गया तो केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।
पूर्व पीएम से खुद को फोटो में दिखाया
जोगेंद्र ने खुद को अधिकारी साबित करने के लिए कई फोटो तैयार करा रखे हैं। ये असली फोटो में छेड़छाड़ करके बनाए गए हैं। इनमें एक फोटो में वह पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ दिख रहा है। ऐसे ही कई फोटो में वह पुलिस अफसरों के साथ बैठा नजर आ रहा है। ये फोटो उसके मोबाइल से बरामद हुए हैं।
जालसाजी का जाल
2006 : खुद को सिपाही बताकर शादी की।
2010 : खुद को दरोगा बताकर सिपाही से शादी की।
2013 : खुद को दरोगा बताकर लोगों से रकम ऐंठी।
2015 : पत्नी के एसडीएम बन जाने का झूठ बोल ठगी की।
2016 : खुद का आईपीएस में चयन होने का झूठ बोला।
-2018 : खुद को आईपीएस बता इटावा में स्वागत कराया।