प्रॉपर्टी डीलर ने बेच दिया कारोबारी का मकान
गाजियाबाद। न्यू गांधीनगर निवासी कारोबारी प्रदीप गुप्ता का मकान उनके ही परिचित प्रॉपर्टी डीलर ने तुषार गुप्ता ने फर्जी तरीके से बेच दिया। आरोप है कि तुषार ने उनसे उनकी संपत्ति के दस्तावेज लिए थे। ऐसे में उसने ही फर्जीवाड़ा कर अंजाम दिया है। जुलाई 2022 में आयकर रिटर्न भरने के दौरान उन्हें पता चला कि उनका मकान 16 जुलाई 2021 में 65 लाख रुपये में बेच दिया गया है। रजिस्ट्रार कार्यालय से इसकी पुष्टि हुई है। मामले में उन्होंने दोस्त, खरीदार, बैनामे के दो गवाह और बैनामा लेखक के साथ फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
प्रदीप गुप्ता का कहना है कि उनके परिचित पार्क व्यू अपार्टमेंट फेस-2 निवासी तुषार गुप्ता प्रॉपर्टी डीलर हैं। 2021 में तुषार ने उनसे उनके मकान के दस्तावेज मांगे थे तो उन्होंने उनकी कॉपी दे दी थी। उनका कहना है कि तीन मंजिला मकान उन्हें वारिस के तौर मिला था। पहली और दूसरी मंजिल बिक चुकी है जबकि भूतल पर वह परिवार के साथ रहते हैं। जुलाई 2022 में आयकर रिटर्न भरने के लिए उन्होंने फार्म डाउनलोड किया तो पता चला कि उनकी संपत्ति 16 जुलाई 2021 को 65 लाख रुपये में बेची गई है। मकान के अलावा कोई अन्य संपत्ति न होने के चलते उनके होश उड़ गए। उन्होंने सब रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर पता किया तो इस फर्जीवाड़े का पता चला। सिहानी गेट थाना प्रभारी नरेश कुमार शर्मा का कहना है कि मामले में तुषार गुप्ता, मकान खरीदार अमित कुमार, गवाह आशीष बजाज और राजेंद्र कुमार, बैनामा लेखक विवेक शर्मा और हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के व्यक्ति को बेचा मकान
प्रदीप गुप्ता का कहना है कि उनका मकान उत्तरी पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा निवासी अमित कुमार बेचा गया है। बैनामे में उत्तरी दिल्ली के आशीष बजाज और नांगलोई दिल्ली निवासी राजेंद्र ने गवाही दी है। बैनामे का मसौदा तहसील परिसर के बैनामा लेखक विवेक शर्मा ने तैयार किया। बैनामे में हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का चेक भी लगा है। दस्तावेज देखने पर पता चला कि उनके पैन कार्ड और आधार कार्ड की संख्या वाले फर्जी पैन व आधार कार्ड बनाकर लगाए गए हैं।