मंदिर में पिस्टल व ब्लेड के साथ घुसे युवक को सेवादारों ने पकड़ा
मसूरी। गांव इकला के नरमदेश्वर महादेव मंदिर में रविवार की रात 12 बजे संदिग्ध लगने पर सेवादारों ने एक युवक को पकड़ लिया। उसके पास से पिस्टल और ब्लेड मिला। उसने पहले अपना नाम समीर शर्मा बताया लेकिन बाद में कहा कि वह दादरी का निवासी आस मोहम्मद है। इस पर सेवादारों ने और सख्ती से पूछताछ की तो बोला, सुपारी लेकर महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरी की हत्या करने के लिए आया है। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर लिया। देर रात तक थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच, लोकल इंटेलीजेंस यूनिट, स्पेशल टास्क फोर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ करती रहीं।
महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरी हिंदू रक्षा सेना और धर्म संसद हरिद्वार के अध्यक्ष भी हैं। इकला के मंदिर में उनका दो अक्तूबर को प्रवचन शुरू हुआ, यह चार तक चलेगा। सेवादारों ने बताया कि महामंडलेश्वर सुबह मंदिर परिसर में टहल रहे थे। इसी दौरान वह युवक उनके पास पहुंच गया। उसने महामंडेश्वर से कहा कि वह उनका शिष्य बनना चाहता है। वह चारों ओर देख रहा था। उसकी गतिविधियों पर शक होने पर उससे पूछा गया कि उसका नाम क्या है और वह कहां से आया है? उसने बताया कि उसका नाम समीर शर्मा है। इसके बाद वह यह कहकर चला गया कि अभी आता है।
रात के 12 बजे पकड़ा गया
सेवादारों ने पुलिस को बताया कि खुद को समीर शर्मा बताने वाला युवक मंदिर में रात बजे फिर से पहुंचा। इस पर उसे पकड़ लिया गया। वह सुबह भी आया था और फिर चला गया था, इसलिए उस पर शक और बढ़ गया। उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह समीर नहीं, बल्कि दादरी का रहने वाला आस मोहम्मद है। उसके नाम बदलकर बताने से साफ हो गया कि उसके इरादे गलत हैं। इस पर पुलिस को बुला लिया गया। उसके पास दो मोबाइल फोन और आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड में उसका नाम आस मोहम्मद मिला। पुलिस उसे मसूरी थाने ले गई और पूछताछ के लिए अन्य एजेंसियों को भी बुला लिया। सेवादारों ने उससे पूछताछ के दौरान का वीडियो भी बनाया। यह पुलिस को दे दिया है।
पुलिस से कहा, शिष्य बनने के लिए आया
सेवादारों का कहना है कि उनके सामने युवक ने कहा था कि वह महामंडलेश्वर की हत्या करने के लिए आया है। इसके लिए उसे मुजफ्फरनगर के सलीम ने उसके खाते में 70 हजार रुपये दिए है। उसने ही पिस्टल दी है। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ की तो उसने कहा कि वह हत्या करने नहीं आया था। उसने धर्म परिवर्तन किया है। पहले उसका नाम आस मोहम्मद था, धर्म परिवर्तन के बाद समीर शर्मा रखा है। वह महामंडलेश्वर का शिष्य बनने के लिए आया था। लेकिन, उसने इसका जवाब नहीं दिया कि उसके पास पिस्टल और ब्लेड क्यों थे?। उधर, एहतियात के तौर पर पुलिस ने मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी है। इससे पहले डासना देवी मंदिर में संदिग्ध युवक के घुसने और साधू पर हमला करने का मामला सामने आ चुका है।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
एसपी देहात डॉ. ईरज राजा का कहना है कि मामला संगीन और उलझा हुआ है। युवक के खिलाफ फिलहाल आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी। वह कई बार बयान बदल चुका है। सेवादारों ने जो वीडियो दिया है, उसकी भी जांच कराई जाएगी।
हत्या के लिए भेजा गया
महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरी ने पुलिस से कहा है कि युवक को उनकी हत्या के लिए भेजा गया। इस साजिश के तार देवबंद से जुड़े हुए हैं। गहनता से जांच होगी तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।