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55 पुलिसकर्मियों के बीच से छुड़ाया था जिलाबदर अपराधी को

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55 पुलिसकर्मियों के बीच से छुड़ाया था जिलाबदर अपराधी को
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गाजियाबाद। लोनी थाने के टॉप टेन अपराधियों में शामिल और जिलाबदर हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ पैंदा को उसके साथी और कुछ वकील 56 पुलिसकर्मियों के बीच से छुड़ाकर ले गए थे। अफसरों ने शुक्रवार को कचहरी पहुंचकर पड़ताल की तो इसका पता चला। पुलिसवाले सिर्फ तमाशबीन बने देखते रहे। पुलिस चौकी से लेकर कचहरी के गेट तक किसी ने भी पैंदा और उसके साथियों को रोकने की कोशिश तक नहीं की। जिन पुलिसकर्मियों की हिरासत से उसे छुड़ाया गया था, उन्होंने अफसरों को सूचना भी नहीं दी।
अब सीसीटीवी फुटेज देखकर यह मालूम करने का प्रयास किया जा रहा है कि पैंदा को छुड़ाने में कौन-कौन वकील शामिल रहे? पुलिस का दावा है कि चार वकील चिन्हित कर लिए गए हैं। पुलिस ने उसके घर भी दबिश दी लेकिन वह नहीं मिले। इस मामले में कविनगर थाने में बृहस्पतिवार को ही दो केस दर्ज करा दिए गए थे।
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जिलाबदर होकर भी घूम रहा था लोनी में
पुलिस ने लोनी में पैंदा के घर दबिश देकर आसपास पूछताछ की। लोगों ने बताया कि वह सिर्फ कागजों में जिलाबदर था। लंबे समय से लोनी में ही रह रहा था। पुलिस कभी यह चेक करने नहीं आई कि वह जिले से बाहर है या नहीं। पुलिस का कहना है कि उसके रिश्तेदारों के घर भी दबिश दी जा रही है।
15 पुलिसकर्मी छुट्टी पर
अफसरों ने कचहरी में पुलिस ड्यूटी की फाइल देखी। यहां 71 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनमें से 15 छुट्टी पर चल रहे हैं। बृहस्पतिवार को 55 ड्यूटी पर थे। पैंदा को चौकी पर ले जाया गया था। यहां भी पूरा स्टाफ था। इसके बावजूद गिनती के लोग उसे छुड़ाकर ले गए।
हत्या के गवाह को दी थी धमकी
जिलाबदर होने के बावजूद पैंदा हत्या के गवाह सनोज को धमकाने के लिए बृहस्पतिवार को कचहरी पहुंचा था। आरोप है कि उसने सनोज पर हमला भी किया। सनोज के भाई विनोद ने केस दर्ज कराया है। सनोज ने बताया कि पैंदा ने उसे देखते ही कहा कि अगर गवाही दी तो उसे गोली मार देगा। उसकी शिकायत पर पुलिस आई और पैंदा को हिरासत में ले लिया। उसे चौकी में बिठा लिया गया था। थोड़ी देर बाद ही पैंदा के कुछ सहयोगी और वकील उसे छुड़ाकर ले गए। सनोज ने बताया कि पैंदा के भाई सुरेंद्र चिड़िया ने लोनी में एक साल पहले उनके पिता डीडीए कर्मचारी श्यौराज सिंह की गोली मारकर हत्या की थी।
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पूरे मामले की होगी जांच
कार्यवाहक एसपी सिटी प्रथम ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वकीलों की पहचान कराई जा रही है। कचहरी चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि इस तरह की घटना में तत्काल अधिकारियों को सूचना दें। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
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