हमारे बेटे नीरज की हत्या अकेले उसके दोस्त ने नहीं की, हमें पता चला है कि इसमें उसके पिता और चचेरा भाई भी शामिल हैं, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए...यह मांग लेकर ननकागढ़ी गांव के सैंकड़ों लोगों ने मंगलवार दोपहर हापुड़ रोड पर जाम लगा दिया। नीरज के शव को सड़क पर रखकर उसके परिजनों और ग्रामीणों ने एलान कर दिया कि वे लोग कार्रवाई होने पर ही उठेंगे। अफसरों ने कहा कि वे जिसका भी नाम लिखकर देंगे, उसके खिलाफ जांच कराई जाएगी। पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद कराने का भी आश्वासन दिया। तब जाकर लोग साढ़े तीन घंटे बाद सड़क से उठे।
ये लोग पोस्टमार्टम हाउस से नीरज का शव लेकर करीब ढाई मिशलगढ़ी डासना फ्लाईओवर के पास पहुंचे। पुलिस ने उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया कि कार्रवाई बिल्कुल निष्पक्ष होगी लेकिन थोड़ी देर बाद ही वे लोग फिर से आ गए और कहा कि डीएम और एसएसपी से आश्वासन मिलने पर ही जाएंगे। उन्होंने नीरज के परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग भी की।
एसपी देहात डा. ईरज राजा, एसडीएम सदर विनय कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट गंभीर सिंह, एएसपी आकाश पटेल ने आश्वासन दिया कि सभी मांगे पूरी करने का भरसक प्रयास किया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद कराई जाएगी। एसएसी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज होने पर सहायता राशि मिलती है, यह भी दिलाई जाएगी। इसके बाद छह बजे लोग वापस गए।
गांव में जातीय तनाव
मृत छात्र अनुसूचित जाति का था। आरोपी की जाति अलग है। इससे गांव में जातीय तनाव बन गया है। इससे मद्देनजर पुलिस तैनात कर दी गई है। मंगलवार शाम को नीरज के अंतिम संस्कार के दौरान भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। जिस तरह आरोपी छात्र के परिजनों के खिलाफ गांव के लोगों में गुस्सा दिख रहा है, उसे देखते हुए खुफिया पुलिस को भी गांव में सक्रिय कर दिया गया है।
कोई खुन्नस नहीं थी...बस जेल जाना था
1. तुमने नीरज की हत्या क्यों की?
स्कूल जाने से बचने के लिए ही हत्या की है। मुझे मालूम है कि जेल में पढ़ाई नहीं होती है।
2. नीरज से तुम्हारी कोई खुन्नस तो नहीं थी।
उससे कोई खुन्नस नहीं थी। वह मेरा दोस्त था, हम साथ खेलते थे।
3. अगर वह दोस्त था तो उसकी हत्या क्यों कर दी?
क्योंकि कोई और मिला नहीं। वही था जो मेरे साथ खेलने के लिए जाता था। इसलिए, हत्या के लिए उसे ही चुन लिया।
4. किसी सीरियल या मूवी से तो उकसावे में नहीं आए?
नहीं, ऐसा नहीं है। यह तो सब जानते हैं कि देर तक गला दबाने से मौत हो जाती है।
5. हत्या के लिए फ्लाईओवर के नीचे वाली जगह ही क्यों चुनी?
क्योंकि वहां दोपहर में कई बार सन्नाटा हो जाता है। मुझे पकड़े जाने का डर नहीं था, सिर्फ हत्या के लिए मौका चाहिए था।
6. हत्या की साजिश कितने दिन पहले बनाई?
कई दिन से सोच रहा था लेकिन पहले हिम्मत नहीं हुई। तीन दिन पहले मन पक्का कर लिया लेकिन मौका नहीं मिला। यह सोमवार को मिला।
7. हत्या के बाद सीधे पुलिस चौकी क्यों आए?
क्योंकि, ये पहले से सोच रखा था कि भागना नहीं है। जब हत्या जेल जाने के लिए की तो पुलिस से क्या डरना।
(आरोपी से पूछताछ के बारे में जैसा पुलिस ने बताया)
आरोपी को भेजा गया बाल सुधार गृह
नीरज की हत्या के आरोपी हाईस्कूल के छात्र को पुलिस ने बाल सुधार न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। उसके खिलाफ नामजद रिपोर्द दर्ज कराई गई है। इसमें बताया गया है कि उसने सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे फ्लाईओवर के नीचे नीरज की हत्या कर दी। उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नीरज की मौत का कारण गला दबाने से दम घुटना आया है। गले पर घाव भी मिले हैं। आरोपी ने कांच की बोतल से भी प्रहार किया था।
एएसपी करेंगे नए आरोप की जांच
नीरज के पिता विनोद कुमार का कहना है कि हत्या में आरोपी छात्र के पिता और चचेरा भाई शामिल हैं। उन्होंने दोनों के खिलाफ पुलिस को पत्र लिखकर दिया है। एसपी देहात डॉ. ईरज रजा ने बताया कि इन आरोपों की जांच एएसपी से कराई जाएगी। उधर, आरोपी छात्र के परिजन घर पर ताला लगाकर चले गए हैं।
हत्या का कोई और कारण नहीं
आरोपी से पूछताछ और पुलिस की जांच में नीरज की हत्या का सिर्फ यही कारण मिला है कि आरोपी छात्र स्कूल जाने से बचने के लिए जेल जाना चाहता था। अन्य बिंदुओं पर भी जांच की गई लेकिन कुछ निकला नहीं। - डॉ. ईरज रजा, एसपी देहात