धार में नाबालिग से रेप (प्रतीकात्मक तस्वीर)।
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भोजपुर में 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पहले पुलिस ने जांच में फुर्ती दिखाते हुए सिर्फ छह दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी। इसके बाद कोर्ट ने भी इसे प्राथमिकता देते हुए चार्जशीट दाखिल होने के सात दिन के बाद ही ट्रायल भी शुरू कर दिया। इतना ही नहीं। एक महीने के भीतर ही 10 गवाहों में से तीन के बयान भी दर्ज हो चुके हैं। पुलिस की कोशिश इस मामले में जल्द से जल्द इंसाफ दिलाने की है। दुष्कर्म का आरोप पिता पर है। केस चाचा ने दर्ज कराया। इंसाफ की लड़ाई में आरोपी पति को सजा दिलाने के लिए मां बेटी का साथ दे रही है।
किशोरी के साथ दुष्कर्म 26 जून को हुआ था। उसी तारीख को भोजपुर थाने में केस दर्ज हुआ। जांच अधिकारी दरोगा लोकेंद्र कुमार ने बताया कि दुष्कर्म पीड़ित किशोरी का 26 की रात ही बयान दर्ज किया गया। उसने कहा कि वह इंसाफ चाहती है, ऐसा न हो कि इसमें लंबा वक्त बीत जाए। इस पर उन्होंने तय किया कि जांच में देरी नहीं होने दी जाएगी। 27 को मेडिकल परीक्षण करा दिया गया। कुल दस गवाह थे, सभी के बयान दो दिन में दर्ज कर लिए गए।