समिति ने जमीन कब्जाने की भी कोशिश की
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जमीन अधिग्रहण घोटाले के मामले में एक और मामला सामने आया है। इसमें अशोक गृह निर्माण समिति द्वारा डासना में लोगों की जमीन पर कब्जा करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर मुकदमा दर्ज कराकर लोगों को परेशान किया गया। आरोपी समिति के पदाधिकारियों ने लोगों को गुमराह कर जमीन कब्जाने के लिए वाद दाखिल किया और न्यायालयों के चक्कर लगवाए। मामले में अब मुआवजा घोटाला खुलने पर पीड़ित ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले में अब पांचवीं एफआईआर दर्ज हुई है। कल्लूगढ़ी डासना निवासी दीन मोहम्मद का कहना है कि उनकी करीब छह बीघा जमीन पर कब्जा करने के लिए अशोक गृह निर्माण समिति ने फर्जी दस्तावेज तैयार किया। इसके लिए समिति के पदाधिकारियों ने चार मई 1978 में वाद दाखिल किया। जबकि वह देवी रानी के पक्ष में था। समिति के पदाधिकारियों ने बार-बार संपत्ति पर कब्जा करने के लिए न्यायालय में वाद दाखिल किया। इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक क्षति हुई। दीन मोहम्मद का कहना है कि घोटाला खुलने पर उन्हें उनके साथ ही धोखाधड़ी का पता चला। जबकि इससे पहले वह समिति द्वारा डाले गए वाद में न्यायालय ने उन्हें न्याय मिल चुका है। मामले में उन्होंने समिति के प्रबंधक और सचिव अरुण कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। कविनगर थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।