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टेंडर घोटाले में प्राधिकरण के पूर्व अभियंता नहीं हुए पेश

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टेंडर घोटाले में प्राधिकरण के पूर्व अभियंता नहीं हुए पेश
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गाजियाबाद। नोएडा प्राधिकरण के टेंडर घोटाले मामले में शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान प्राधिकरण के पूर्व अभियंता यादव सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता द्वारा हाजिरी माफी दी गई। वहीं, सीबीआई जांच में सामने आया कि गलत तरीके से बिना टेंडर निकाले प्रक्रिया की गई है। सीबीआई कोर्ट के लोक अभियोजक ने बताया कि वर्ष 2011 में नोएडा में अंडरग्राउंड केबल डालने के काम में 20 करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ था। सीबीआई ने जांच में पाया गया कि साजिश के तहत गलत तरीके से बिना टेंडर निकाले ही प्रक्रिया को पूरा किया गया और एक ही फर्म को काम दे दिया गया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आलोक सी दास राइट लिमिटेड के इंजीनियर के बयान दर्ज हुए। उन्होंने बयान में बताया कि मैंने अपने मैनेजर राजीव सिंह को बॉन्ड प्राप्त होने से पहले ही बता दिया था और इस प्रकरण का कॉन्ट्रेक्ट बॉन्ड राइट कंपनी के कार्यालय में 8 दिसंबर 2011 के बाद ही प्राप्त हुआ था। प्राधिकरण के मुख्य अभियंता यादव सिंह की ओर से दिल्ली से आए अधिवक्ता अमित गुप्ता ने हाजिरी माफी लगाई। बयान पूरे करने के लिए कोर्ट ने 26 अप्रैल अगली तारीख लगाई है।
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