45.58 लाख के घोटाले में सीबाआई कोर्ट ने दो को सजा सुनाई
गाजियाबाद। बड़ौत के उप-डाकघर में वर्ष 2000-2001 में किसान विकास पत्र और राष्ट्रीय बचत पत्र का फर्जीवाड़ा कर 45.58 लाख रुपये के घोटाले के मामले में सीबीआई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को प्रेमचंद गुप्ता और विनोद को दोषी मानते हुए साढ़े आठ साल की सजा सुनाई है। जबकि 5 आरोपियों को रिहा कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता नवीन त्यागी ने बताया कि इस घोटाले के मामले में तत्कालीन डाकपाल एसके सक्सेना, उप डाकपाल एमएल मीणा, डाक सहायक कुंवरबीर सिंह, डाकिया राजकुमार शर्मा, अभिकर्ता प्रेमचंद गुप्ता, राजेश कुमार जैन, प्रद्युम्न कुमार जैन सहित अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने राजकुमार शर्मा, राजेश कुमार जैन, प्रेमचंद गुप्ता, एमएल मीणा, विनोद प्रद्युम्न कुमार, बिजेंद्र कुमार, अनुपम शर्मा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।