गाजियाबाद के लोनी और लिंक रोड में अवैध निर्माण के दौरान हुए हादसे के बाद जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर जीडीए सचिव बृजेश कुमार ने सुपरवाइजर शेर सिंह को निलंबित कर दिया है। अवर अभियंता सीपी शर्मा और प्रवर्तन अधिकारी मानवेंद्र सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन से की गई है।
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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के सचिव बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि लोनी में बिना नक्शा पास कराए अवैध रूप से निर्माण कराया जा रहा था। हादसे के बाद प्रथम दृष्टया अवर अभियंता, सुपरवाइजर की लापरवाही पाई गई है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि लिंकरोड में भी फैक्टरी का लिंटर गिरने से पांच लोगों के घायल होने की जानकारी आई है।
यह क्षेत्र यूपीएसआईडीसी के तहत आता है। मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं। जीडीए के सभी प्रवर्तन जोन में तेजी से अवैध निर्माण हो रहा है। इसके बावजूद प्रवर्तन प्रभारी औपचारिकता पूरी करने के लिए संबंधित जोन में तोड़फोड़ कर देते हैं।
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लिंटर गिरते वक्त 4 मजदूरों ने टिनशेड पर कूदकर बचाई जान
लिंटर गिरने के दौरान ही चार मजदूर पास के टिन शेड पर कूद गए। उनकी जान बच गई। इसके बाद उन मजदूरों ने मलबे में दबे अपने साथियों को बचाने का प्रयास भी किया।
मौके पर पहुंचे पड़ोस के दुकानदारों ने बताया कि टिन शेड से उतरकर पहुंचे मजदूरों ने ही शोर मचाकर आसपास से लोगों को बुलाया। उन्होंने बताया कि अगर वे ऐन वक्त पर न कूदते तो मलबे में दब जाते और उनकी जान खतरे में पड़ जाती। बचाव अभियान आसान नहीं था। एनडीआरएफ और लोनी पुलिस ने लिंटर में डले सरिये को गैस कटर से काटकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए काफी देर तक जद्दोजहद की।
इससे पहले डॉग स्क्वॉड की जांच में भी दो से तीन लोगों के फंसे होने की आशंका व्यक्त की गई, जिसमें एक बच्चा भी शामिल बताया गया। पुलिस आयुक्त अजय मिश्रा ने निर्माणाधीन फैक्टरी पर घटना का जायजा लेकर तत्काल बचाव राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। हादसे के बाद से देर रात तक जेसीबी की मदद से मलबे को हटाने का काम चलता रहा।
कमजोर दीवारों पर ही डाल दिया था लिंटर
एडीएम प्रशासन रितु सुहास ने बताया कि बिल्डिंग की दोनों दीवारें पहले से बनी थीं। उन दीवारों के ऊपर हाल ही पिलर बना कर लिंटर डाला जा रहा था। पिलर ताजा होने से लिंटर पर लोड पड़ते ही छत भरभराकर गिर गई, जिससे यह हादसा हुआ।
जाहिर है कि दीवारें कमजोर थीं। रूप नगर क्षेत्र के रहने वाले लोगों के मुताबिक करीब एक माह से प्लाट पर फैक्टरी बनाने का निर्माण कार्य चल रहा था। दीवार बनाने के बाद 15 दिन पूर्व पांच फुट मिट्टी का भराव कराया गया। भराव पूरा होते ही लिंटर के लिए सेटरिंग बांधनी शुरू करा दी गई। शनिवार शाम सेटरिंग का कार्य पूरा हुआ तो रविवार सुबह लिंटर डालने का कार्य शुरू किया गया।
सुबह नौ बजे लिंटर डालने के लिए लेबर प्लाट पर पहुंची। करीब दस बजे से लिंटर डालने का कार्य शुरू किया गया। चार बजे तक सेटरिंग पर मसाला डालने का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो सका तभी अचानक लिंटर नीचे गिर गया। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि प्लॉट मालिक मदनलाल शर्मा और उसका दामाद आकाश शर्मा दोनों निर्माण कार्य पूरा कर फैक्टरी को किराए पर देना चाहते थे।