गाजियाबाद/मसूरी। जीडीए पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान एकता संगठन के बैनर तले किसानों ने कलेक्ट्रेट और जीडीए के कार्यालय पर शुक्रवार को प्रदर्शन किया। किसानों ने उत्पीड़न बंद न होने की दशा में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने जीडीए के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि हाईटेक सिटी में जीडीए किसानों की जमीन को बिना अधिग्रहण के ही बिल्डर को दिलाना चाहता है। दो दिन पहले भारी पुलिसबल के साथ अफसर वहां पहुंचे। जब किसानों ने विरोध शुरू किया तो जीडीए ने झूठी सफाई दी कि वह किसान के खेत में किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने गया था। जबकि, वहां कच्चा निर्माण है। अफसरों की यह सब जानकारी में पहले से ही है। आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को भी किसानों को डराने के लिए पीएसी और पुलिसबल भेजा गया। किसानों ने एडीएम प्रशासन ज्योति मौर्य को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि किसानों का उत्पीड़न बंद किया जाए। वह बिना अधिग्रहण और उचित मुआवजा मिले किसी को भी अपनी जमीन पर कब्जा नहीं देंगे। इसके बाद किसान जीडीए में सचिव विवेक मिश्रा से मिले। किसानों ने उनके सामने भी अपनी समस्या रखी। सचिव ने किसानों के साथ कुछ भी अनुचित नहीं हाेने देने का आश्वासन दिया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रमोद चौधरी, मोहित त्यागी, हरेंद्र यादव, ओमपाल, सोनू सैनी, सत्यप्रकाश, रविन्द्र, दीपक, मोंटी यादव, दिनेश, मोहित यादव, गजेंद्र आदि अनेक लोग मौजूद रहे।
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