गाजियाबाद। 1977 के आम चुनाव में मिली हार के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी गाजियाबाद आईं तो उनका जमकर विरोध हुआ। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी भी थे। विरोध की आशंका पहले से थी। इसे देखकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसके बावजूद हंगामा इतना जबरदस्त हुआ कि इंदिरा गांधी को भाषण दिए बगैर ही लौटना पड़ा।
वाक्या चार सितंबर 1977 का है। आपातकाल के बाद चुनाव हो चुके थे। इंदिरा गांधी के गाजियाबाद आने का कार्यक्रम पता चलते ही संगठन अखिल भारतीय युवा जनता ने उनका विरोध करने का एलान कर दिया। इंदिरा गांधी की जनसभा मेरठ रोड पर होनी थी। वह हरिद्वार से दिल्ली लौटते समय यहां पहुंचीं। काफी लोग उन्हें सुनने के लिए आए थे। उनके आते ही कांग्रेसियों ने उनके समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए।
दूसरी ओर युवा जनता के कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने नारे लगाए, अत्याचारों की प्रतीक इंदिरा वापस जाओ और इंदिरा को गिरफ्तार करो। जवाब में कांग्रेसियों ने नारा लगाया, इंदिरा गांधी जिंदाबाद। दोनों पक्षों में तनाव बन गया। यह देख इंदिरा गांधी कार में बैठकर दिल्ली के लिए चली गईं।
विरोध करने वालों में युवा जनता के महामंत्री केसी त्यागी और जनता पार्टी के विधायक राजेंद्र चौधरी थे। केसी त्यागी 1989 में जनता दल के टिकट पर हापुड़-गाजियाबाद लोकसभा सीट से सांसद बने।