गाजियाबाद। नगर निगम के लिए कचरा निस्तारण बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस बीच कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर अवैध रूप से कचरा खपाकर नगर निगम को आर्थिक हानि पहुंचाई जा रही है। बृहस्पतिवार को महापौर सुनीता दयाल ने दो ट्रांसफर स्टेशनों का निरीक्षण कर धांधली को उजागर किया। निजी ट्रैक्टरों से ट्रांसफर स्टेशनों पर कचरा खपाया जा रहा था। इस दौरान तीन ट्रैक्टरों की चाबियां जब्त की गईं। साथ ही, नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
महापौर सुनीता दयाल बृहस्पतिवार को साहिबाबाद के सौर ऊर्जा मार्ग स्थित नेचर ग्रीन कंपनी और गोविंदपुरम स्थित जेएस एनवायरो कंपनी की ओर से संचालित कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंची। जांच के दौरान दोनों ही ट्रांसफर स्टेशनों पर निजी ट्रैक्टरों से कचरा डंप करते पाया गया। इनमें कुछ ट्रैक्टरों पर नगर निगम भी लिखा हुआ था। महापौर के पूछने पर ट्रैक्टर चालकों ने बताया कि रोजाना यहीं कचरा डालते हैं। महापौर ने बताया कि ट्रैक्टर चालकों ने स्वीकार किया कि उनके ठेकेदार की जेएस एनवायरो के अधिकारियों से बात हो चुकी है। इस संबंध में जब कंपनी के कर्मचारियों से पूछा गया तो उन्होंने ट्रैक्टर चालकों को पहचानने से इन्कार कर दिया और कहा कि पता नहीं किसकी अनुमति से आकर कचरा खपा रहे हैं। इस पर महापौर ने कंपनी के कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि कचरा ट्रांसफर स्टेशन का जिम्मा निगम ने कंपनी को दिया है और कोई भी बाहरी ट्रैक्टर यहां कचरा डंप करके चला जाता है और कर्मचारी आराम से बैठे रहते हैं। एक ट्रैक्टर चालक ने एक मॉल से कचरा लाकर ट्रांसफर स्टेशन में डंप करने की बात कबूल की। इस दौरान तीन ट्रैक्टरों की चाबियां जब्त की गईं। महापौर ने बताया कि सांठगांठ कर बाहरी कचरा ट्रांसफर स्टेशनों में डंप कराया जा रहा है, जिसका भुगतान ठेकेदारों को मिलेगा। यही कूड़ा निगम लैंड फिल साइटों पर पहुंचाएगा, जिससे नगर निगम को भारी आर्थिक हानि पहुंच रही है।