गाजियाबाद में कचहरी में प्रैक्टिस कर रहे दो अधिवक्ताओं से गैंगस्टर ने तीन लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ितों ने कोर्ट के आदेश पर कविनगर थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। कविनगर निवासी अनुज कुमार और राजकुमार अधिवक्ता हैं। उनके पड़ोस में संजीव छाबड़ा रहता है। वर्ष 2020 में संजीव ने दोनों को बीमारी के कागजात दिखाए। कागजात में उसे कैंसर पीड़ित बताया गया था। पड़ोस व जान पहचान के कारण दोनों ने छह माह के लिए तीन लाख रुपये उधार दे दिए। समय पूरा होने पर उन्होंने रुपये मांगे लेकिन वह टालमटोल करने लगा।
दोनों रुपये लेने उनके घर चले गए, जहां पता चला कि संजीव को कैंसर नहीं था। उसने रुपये लेने के लिए फर्जी कागजात दिखाए थे। उन्हें यह भी जानकारी मिली कि संजीव नेहरूनगर निवासी एक कारोबारी के घर हुई डकैती में शामिल था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जेल से आने के बाद पुलिस ने उस पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर दोबारा गैंगस्टर जेल भेज दिया था। जेल से आने पर उन्होंने तकादा किया तो उसने दोनों को तीन लाख के चेक दिए थे लेकिन खाते में डालने पर चेक बाउंस हो गए। आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद पीड़ितों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि मामले में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।