गाजियाबाद। स्कूलों की मनमानी रोकने में मान्यता निरस्त करने की संस्तुति, प्रभारी मंत्री के निर्देश और अफसरों की कड़ाई भी कोई काम नही आई। शिक्षा के अधिकार के तहत जिन स्कूलों ने दाखिले नहीं कराए थे, उनके यहां एक महीने बाद भी कोई प्रवेश नहीं हुए। प्रभारी मंत्री की बैठक के बाद प्रशासन ने दो बार स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक कर ली है, जिसमें स्कूलों को दाखिला लेने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया था कि एडीएम सिटी गंभीर सिंह के आदेश पर कुछ स्कूलों में तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों के दाखिले करवाने के लिए भेजा गया उसके बावजूद स्कूलों ने दाखिला नहीं लिया। स्कूलों को शिक्षा विभाग ने नोटिस भी भेजा उसका भी असर स्कूलों पर नहीं दिखा। जिलाधिकारी ने आठ स्कूलों की मान्यता करने की संस्तुति सीबीएसई बोर्ड को पहले ही भेजी थी। दो दिन पहले हुई बैठक में भी गोविंदपुरम स्थित ब्राइटलैंड स्कूल की मान्यता रद्द करने की संस्तुति भेजने के निर्देश दिए हैं। इस स्कूल में आरटीई के तहत पांच दाखिले होने थे लेकिन एक भी बच्चे का दाखिला नहीं लिया है। स्कूल जो एससी-एसटी विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी आदेश दिए हैं। आधा सत्र बीत चुका है लेकिन अभी तक चयनित बच्चों में से 2545 बच्चों के दाखिले नहीं हो सके हैं। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने निर्देश दिया है कि अब अभिभावक जो भी आवेदन करें, उसमें अपने वार्ड के स्कूल का भी नाम ही भरें। पहले जो आवेदन या दाखिले हो चुके हैं, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा।