फेसबुक की महिला दोस्त ने राजनगर निवासी नरेंद्र कुमार को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर शेयर ट्रेडिंग में रुपये निवेश करने का झांसा दिया। महिला ने नरेंद्र कुमार को वित्तीय निवेशक कंपनी डुपॉइन मार्केट लिमिटेड के नाम के नकली मोबाइल एप पर निवेश कराया। भरोसे में लेने के लिए महिला ने 50 हजार रुपये उनके खाते में ट्रांसफर किए। एक महीने में महिला ने नरेंद्र कुमार से एक करोड़ 27 लाख 62 हजार 626 रुपये की ठगी कर ली।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि नरेंद्र कुमार के मुताबिक तीन मई 2025 को उनके मोबाइल पर कुमारी तान्या शर्मा नाम की युवती ने फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। स्वीकृति देने पर तान्या ने नरेंद्र कुमार को डुपॉइन मार्केट लिमिटेड कंपनी के जरिए शेयर बाजार में निवेश करने पर मोटा मुनाफा होने का झांसा दया। साथ ही डुपॉइन कंपनी के नकली मोबाइल एप डुपॉइफैक्स नाम से लिंक भेजा और मोबाइल एप इंस्टॉल कराया।
तान्या शर्मा ने विश्वास जताने के लिए कंपनी को एसईबीआई में पंजीकृत बताया और नकली दस्तावेज भी भेजे। साथ ही शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने का दबाव बनाया। पीड़ित नरेंद्र कुमार ने 16 मई 2025 से फर्जी पोर्टल के जरिए शेयर ट्रेडिंग में निवेश करना शुरू किया।
27 मई 2025 को उन्होंने ट्रेडिंग पोर्टल से 50 हजार रुपये निकालने के लिए आवेदन किया तो उनके खाते में धनराशि भेज दी गई। ऐसे में नरेंद्र कुमार को पूर्ण विश्वास हो गया। जिसके बाद साइबर ठगों ने मोटी धनराशि निवेश करने पर अधिक कमाई करने का झांसा दिया। 16 जून 2025 तक उन्होंने एक करोड़ 27 लाख 62 हजार 626 रुपये किया। एडीसीपी ने बताया कि पीड़ित ने अपने दोस्त सुमित रंजन चाकी से भी लाखों रुपये उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर दिए।
एडीसीपी ने बताया कि पीड़ित ने कुछ बैंक खाते और मोबाइल नंबर साइबर टीम को मुहैया कराए हैं। तहरीर के आधार पर बीएनएस के अंतर्गत 3(5) गिरोहबंद अपराध, 318(4) संपत्ति के लिए धोखाधड़ी, 336(3) जाली दस्तावेज बनाने, 338 जाली दस्तावेजों का प्रयोग करने, 340(2) जाली दस्तावेजों को असली बताकर प्रयोग करने और 66डी कंप्यूटर संसाधनों से धनराशि ट्रांसफर करने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
ऐसे करें बचाव
-ऐप और वेबसाइट के माध्यम से निवेश करते समय, जांच लें कि वे प्लेटफॉर्म असली है या नकली।
-ब्रोकर कंपनियां या ऐप सेबी, एनबीएफसी, आरबीआई में पंजीकरण जरूर जांच लें।
-निवेश के लिए प्ले स्टोर से एप डाउनलोड करें, एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
-ऐसे मैसेज पर विश्वास न करें जो कम समय में ज्यादा रिटर्न का वादा करते हैं।
-अपना पासवर्ड और ओटीपी किसी को न बताएं या साझा न करें।
-अपने डीमैट अकाउंट का पासवर्ड नियमित रूप से बदलते रहें।