इंदिरापुरम। कोतवाली क्षेत्र में कारोबारी कपिल जालान के साथ दिल्ली में मेटल का स्क्रैप बेचने में 33 करोड़ 23 लाख 75 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपी ने उन्हें चार साल तक आश्वासन देकर टरकाते रहे। अब तकादा करने पर आरोपी ने फोन बंद कर लिया है। इंदिरापुरम पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कागजों की जांच शुरू कर दी है।
अहिंसाखंड के एंजिल जुपिटर सोसायटी निवासी कपिल जालान ने पुलिस को शिकायत दी कि उनका दिल्ली में मेटल स्क्रैप खरीदने का कारोबार था। 2020 में उनकी मुलाकात दिल्ली के कारोबारी से हुई। एक दोस्त के माध्यम से दोनों के बीच बातचीत हुई थी। धीरे-धीरे दिल्ली के कारोबारी ने उनके घर आना-जाना शुरू कर दिया। इस बीच दोनों में स्क्रैप खरीदने की बात फाइनल हो गई। अब उनका कहना है कि 3 नवंबर 2020 से 2 जनवरी 2021 के अपनी फर्म के एक खाते से कारोबारी को करीब 25 करोड़ 92 लाख 50 हजार रुपये जबकि 5 नवंबर 2020 से 14 दिसंबर 2020 के बीच दूसरे खाते से 7 करोड़ 31 लाख 25 हजार ट्रांसफर किए। पैसे भेजने के बाद उन्हें एक-दो महीने में करोड़ों का स्क्रैप भेजने का आश्वासन दिया गया लेकिन कोरोना महामारी की वजह से पूरा कारोबार बंद हो गया। उनके मुताबिक, कारोबारी को उन्होंने जो 33 करोड़ 23 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे वो बाजार में लोगों से माल के नाम पर उधार लिए थे। चार साल बाद भी उनका माल नहीं पहुंचा तो दूसरे फर्म संचालक उन पर दबाव बनाने लगे। वह परेशान होकर कई बार कारोबारी से मिले लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब आरोपी फोन बंद कर कहीं चला गया है। उन्होंने डीसीपी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इंदिरापुरम पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है। उन्होंने शिकायत में दो बैंकों के खाते भी दिए हैं। टीम बैंक से ट्रांजेक्शन की डिटेल पता कर रही है।
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि कारोबारियों के बीच बड़ी लेन-देन का मामला सामने आया है। इसकी गहनता से जांच हो रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई होगी।
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