उत्तराखंड में बादल फटने से खोड़ा निवासी पांच युवक पानी में बह गए। चार का कुछ पता नहीं चला जबकि एक सचिन को रेस्क्यू ऑपरेशन में बचा लिया गया। सचिन ने ही खोड़ा में फोन करके चार साथियों के लापता हो जाने की खबर दी। इस पर परिजन उनकी जानकारी करने में जुट गए। चारों के परिवार से कई लोग केदारनाथ के लिए रवाना हो गए। हालांकि, देर रात तक चारों का कुछ पता नहीं चल पाया।
खोड़ा के अर्चना एंक्लेव के निवासी चिराग गुप्ता (21) पुत्र अनुराग गुप्ता, सुमित (20) पुत्र राम अभिषेक शुक्ला, पिंटू (28) उर्फ कृष्णा पटेल पुत्र लाल बहादुर, दीपक विहार के निखिल सिंह (20) पुत्र राकेश सिंह और सचिन शाह पुत्र मुकेश शाह हरिद्वार गए थे। वहां से 29 जुलाई को केदारनाथ धाम चले गए। पांचों केदारनाथ के गौरीकुंड के कुछ आगे थे। तभी बादल फट गया। पानी के तेज बहाव में पांचों के साथ ही कई लोग बह गए। स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम ने रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया।
पांच युवकों में से सचिन को बचा लिया गया। सचिन ने खोड़ा में फोन करके हादसे की खबर दी। उन्होंने बताया कि वह पानी के बहाव के साथ बहे जा रहे थे। तभी एक खच्चर वाले ने उनका हाथ पकड़ लिया। उसकी मदद से वह पानी के बाहर आ गए। वहां बचाव दल के लोग मौजूद थे। वे उन्हें मुसीबत से निकालकर बाहर मैदान में ले गए। सचिन ने चारों के घर फोन करके इस घटना की जानकारी दी।
सचिन ने उन्हें बताया कि केदारनाथ में पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है कि बादल फटने के बाद पानी के बहाव में जो लोग बहे हैं, वे कौन हैं। वहां राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। कई लोगों का पता नहीं चल पा रहा है। इनमें दिल्ली के लोग भी शामिल हैं।
एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि चार युवकों के केदारनाथ में पानी के बहाव में लापता होने की जानकारी मिली है। उनके परिवार के लोगों से संपर्क किया गया। वे लोग केदारनाथ के लिए रवाना हो गए थे। उत्तराखंड पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।