एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपी दिल्ली जहांगीरपुरी का मुगलेशुर, आफताब शेख, करीम उर्फ लल्ला और मुरसलीन हैं। इनके साथी गुलाम मुस्तफा, फिरोज और चोरी के गहने खरीदने वाले सुनार शारून, राजाराम अभी फरार हैं। मुगलेशुर गिरोह का सरगना हैं। हाल में हुई चोरी में से कविनगर की आठ, मसूरी की छह और मधुबन बापूधाम की तीन चोरी करने की बात कबूली है। अन्य चोरी को भी ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
सरगना पर दर्ज हैं 37 मुकदमे
गिरोह के सरगना मुगलेशुर पर दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में 37 मुकदमे दर्ज हैं। आफताब पर 25, करीम पर 19 और मुरसलीन पर 17 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह का सरगना मुगलेशुर आठ साल से चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा है। सभी आरोपी दिल्ली और राजस्थान में कई बार जेल में जा चुके हैं।
ऑटो से आते थे गाजियाबाद, नंगे पैर जाते थे वारदात करने
कविनगर थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि आरोपी दिल्ली से ऑटो बुक करके गाजियाबाद शाम के समय आ जाते थे और मसूरी और कविनगर क्षेत्र की रेलवे लाइन के किनारे बनी सोसायटियों के पास कूड़ा बीनने के बहाने रेकी करते थे। रात को 12 बजे के बाद चप्पलों को जेब में रखकर नंगे पैर वारदात को अंजाम देने जाते थे। इसके बाद ऑटो से ही दिल्ली भाग जाते थे।
कुछ सेकंड में तोड़ देते थे ताले
पूछताछ में चोरों ने बताया कि वह ताला तोड़ने में माहिर हैं। इसके लिए वह अपने साथ औजार और ताला तोड़ने के लिए कटर रखते हैं। इससे वह कुछ ही सेकंड में ताला तोड़कर पांच से 10 मिनट में सामान लेकर फरार हो जाते हैं।