साहिबाबाद। भोपुरा कुटी काॅलोनी में बिना पिलर का चार मंजिला निर्माणाधीन मकान आगे की ओर झुक गया। हादसे की आशंका के चलते पुलिस ने आसपास के 14 मकान खाली करा दिए। इन मकानों में रहने वाले करीब 20 परिवारों के लिए शाम तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई थी। फिलहाल पड़ोसियों के यहां शरण ली है। वहीं, मकान को जैक लगाकर गिरने से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुटी काॅलोनी निवासी रवि शंकर बैटरी के ढक्कन बनाने का काम करते हैं। कुछ समय पूर्व उन्होंने काॅलोनी में 50 वर्ग गज का प्लाॅट खरीदा था। पांच माह के दौरान प्लाॅट पर बिना पिलर चार मंजिला इमारत बनाकर खड़ी करा दी। मकान पर प्लास्टर का काम चल रहा था। रात करीब दो बजे मकान के आगे की दीवार टूट गई। दीवार टूटने की आवाज सुनकर पड़ोसी जाग गए। उन्होंने इसकी जानकारी रविशंकर व पुलिस को दी। उसी समय मकान के आसपास रहने वाले जगदीश, विनोद, प्रेम अपने मकान से निकलकर परिवार समेत पड़ोसियों के घर चले गए।
सुबह करीब छह बजे तक मकान एक फीट और आगे झुक गया। पुलिस ने मकान की जद में आने वाले 11 मकानों को सुबह नौ बजे खाली करा दिया। पुलिस ने एहतियात बतौर गली की बिजली सप्लाई को भी बंद करा दिया। अवर अभियंता निर्माण संजय गंगवार का कहना है कि अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी जीडीए की है। इसके बावजूद नगर निगम की ओर से भवन स्वामी को नोटिस दिया जा रहा है। नोटिस के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
जीडीए के सचिव बृजेश कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। एसडीएम सदर विनय कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है, आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
छज्जे पर कराया निर्माण
बिना पिलर मकान का निर्माण कराने में अन्य लापरवाही भी बरती गई है। भूतल पर हाल बनाया हुआ है। वहीं प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल पर करीब तीन फीट का छज्जा निकालने के बाद उस पर बाथरूम बनाया है। अब मकान को जैक से संभालने का प्रयास किया जा रहा है। रविशंकर का कहना है कि मकान को गिरने से बचाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
पूर्व में हुई घटना से नहीं लिया सबक
गरिमा गार्डन काॅलोनी में बिल्डर फ्लैट बनने के लिए खुदाई का काम चल रहा था। एक नवंबर को खोदाई के कारण तीन मंजिला मकान धराशायी हो गया था। आसपास के सात मकानों को खाली कराया गया था। इसके अलावा कई मकानों में दरारें आ गई थीं। मकान मालिक ने बिल्डर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
गली में बैठे रहे लोग
14 घरों में रहने वाले लोग दिनभर गली में बैठे रहे। कुंती, गुडिया, मुनेश आदि का कहना है कि पति मजदूरी करते हैं। सुबह डरते-डरते खाना बनाकर पति को काम पर भेज दिया। तभी पुलिस ने मकान खाली करा दिया, जिस कारण दैनिक कार्य प्रभावित हुए हैं। सुबह नौ बजे से बच्चों के साथ गली में बैठे हैं। पुलिस ने घरों में जाने के लिए मना कर दिया है। रात में पड़ोसियों के घर ही शरण लेना पड़ेगा। लोगों ने रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।