फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: चार दिन बीते, किसी ने नहीं खोले पत्ते

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। चुनाव का बिगुल बजने के बाद चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने प्रत्याशियों के नाम के पत्ते नहीं खोले हैं। चुनाव मैदान में प्रत्याशियों के उतरने का इंतजार लंबा हो रहा है। इससे न सिर्फ राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में बल्कि गाजियाबाद के लोगों में भी बेकरारी बढ़ रही है। भाजपा दो दिन में तो वहीं कांग्रेस, बसपा समेत तमाम राजनीतिक दल भी इसी सप्ताह प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारने का दावा कर रहे हैं।
विज्ञापन

दरअसल, भाजपा ने पश्चिम क्षेत्र की गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जातिगत समीकरणों के आधार पर टिकटों का वितरण करेगा। चर्चा है कि गाजियाबाद में अगर ठाकुर बिरादरी के प्रत्याशी को उतारा गया तो मेरठ में वैश्य समाज के किसी बड़े नेता को टिकट मिल सकता है। इसी तरह सहारनपुर और मुरादाबाद में जातीय समीकरण को साधकर ब्राह्मण, ओबीसी या किसी अन्य बिरादरी को टिकट दिया जा सकता है। यानी इन चार सीटों पर अलग-अलग बिरादरी के प्रत्याशी उतारे जा सकते हैं। मंगलवार को दिल्ली में भाजपा की पार्लियामेंट्री कमेटी बैठक होनी थी, लेकिन वह टल गई। अब बुधवार को यह बैठक हो सकती है। यानी बुधवार देर रात या बृहस्पतिवार तक इन चारों प्रत्याशियों के नामों पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मुहर लग सकती है। भाजपा में टिकट की दौड़ में वर्तमान सांसद वीके सिंह के अलावा राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया, राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल के अलावा कई अन्य नाम शामिल है। चर्चा है कि अगर वीके सिंह को पार्टी तीसरी बार मैदान में नहीं उतारती तो किसी ओबीसी बिरादरी के प्रत्याशी को भी चुनाव में उतारा जा सकता है।
कांग्रेस में भी टिकट के दावेदारों पर मंथन किया जा रहा है। कांग्रेस ने भी गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों के प्रत्याशी अभी घोषित नहीं किए हैं। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के स्तर पर दावेदारों के नाम पर फीडबैक शीर्ष नेतृत्व को भेजा जाएगा। इसके बाद पार्टी प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगी। कांग्रेस के टिकट के लिए साहिबाबाद स्थित एलआर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एसडी कौशिक, पूर्व में लोकसभा चुनाव लड़ चुकी डॉली शर्मा, पूर्व मेयर प्रत्याशी पुष्पा रावत समेत कई अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं। इसके अलावा एक पूर्व विधायक भी टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस भी इसी सप्ताह अपने पत्ते खोल देगी।
विज्ञापन

बसपा ने भी चुनावी बिसात पर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भाजपा ने अगर ठाकुर बिरादरी को चुनाव मैदान में उतारा तो बसपा ब्राह्मण या मुस्लिम प्रत्याशी पर दांव खेल सकती है। पार्टी के स्थानीय संगठन ने दावेदारों के नाम हाईकमान को भेज दिए हैं, अब पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनकी टीम प्रत्याशी के नाम पर मुहर लगाएगी। समाजवादी पार्टी गठबंधन में चुनाव लड़ेगी और यह सीट कांग्रेस के खाते में रहेगी। ऐसे में कांग्रेस और सपा संयुक्त रूप से अपने प्रत्याशी को चुनाव लड़ाएगी। वहीं, आम आदमी पार्टी भी प्रत्याशी का नाम तय करने में साइलेंट में है।
-
बयान
भाजपा के महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा का कहना है कि दावेदारों के नाम पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के पास मौजूद हैं। अब निर्णय शीर्ष नेतृत्व की ओर से किया जाना है। उम्मीद है कि दो-तीन दिन में प्रत्याशियों के नामों की घोषणा हो जाएगी। पार्टी संगठन, सभी कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जिसे भी पार्टी प्रत्याशी बनाएगी, उसे मजबूती से चुनाव लड़ाया जाएगा।
-

कांग्रेस ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में बनाई समन्वय समिति
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने बताया कि प्रत्याशी के नाम पर मंथन अंतिम दौर में है। गाजियाबाद के सभी विधानसभा क्षेत्रों में समन्वय समिति का गठन कर दिया गया है। इसी सप्ताह गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी के नाम की घोषणा पार्टी हाईकमान कर देगा। पार्टी ने चुनाव के लिए बूथ स्तर तक की सभी तैयारियां भी पूरी कर ली हैं।

बसपा जिलाध्यक्ष दयाराम सेन ने बताया कि संगठन स्तर पर चुनाव की तैयारियां की जा रही हैं। दावेदारों के नाम भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भेजे जा चुके हैं। एक सप्ताह में प्रत्याशी के नाम की घोषणा होने की उम्मीद है। बसपा कार्यकर्ता चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें