पिटाई के वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट।
साहिबाबाद। शहीदनगर में गणतंत्र दिवस की रात 15-20 युवकों ने चार भाइयों मुसीर, समीर, आमिर और शहजाद को लाठी-डंडे, हथौड़ी से हमलाकर बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। आरोप है कि घायल मुसीर युवकों की शिकायत करने पुलिस चौकी गया, लेकिन वहां शिकायत सुनने के बजाय चोरों घायल भाइयों को जीटीबी अस्पताल में इलाज कराने भेज दिया। घटना की सूचना चौकी स्तर से आला अधिकारियों को भी नहीं दी गई। सोमवार सुबह घटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस घायल मुसीर के घर गई और शिकायत लेकर आनन-फानन में चार लोग यामीन, सईद, रिहान और निसार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
शिकायतकर्ता मुसीर वेल्डिंग करते हैं। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस की रात पड़ोस के यामीन से धक्का देने पर कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर मां उन्हें पकड़कर घर खींच लाईं। आरोप है कि कुछ देर बाद यामीन और रिहान अपने साथ 15-20 युवकों को लेकर घर पहुंचे। उन्हें गाली देकर बाहर बुलाया। भाई समीर ने युवकों को समझाने का प्रयास किया तो लाठी डंडे से हमला कर दिया। वह बचाने पहुंचे तो उनके सिर में हथौड़ी मार दी, जिससे खून बहने लगा। इतना ही नहीं, युवकों ने भाई आमिर और शहजाद को भी पकड़कर बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। काफी देर तक कई युवक चारों भाइयों को पकड़कर पीटते रहे, जिससे वे सभी लहूलुहान हो गए। मां के चिल्लाने पर भी उन्हें नहीं छोड़ा जब चारों सड़क पर गिर पड़े तो उन्हें छोड़कर भाग गए। इसके बाद मां जयबून निशा और मुसीर घायल हालत में शहीद नगर चौकी पहुंचे। मुसीर का आरोप है कि पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई, लेकिन शिकायत सुनने के बजाय जीटीबी में इलाज कराने भेज दिया। रात 11 बजे वह दोबारा चौकी पहुंचे और चौकी इंचार्ज का नाम मेडिकल के कागज पर लिखवाया। उसके बाद जीटीबी में इलाज हुआ। अगले दिन तक भी पुलिस कार्रवाई नहीं हुई।
वीडियो वायरल होने के बाद जागे अधिकारी दर्ज हुआ केस :
सोमवार को घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों की नींद टूटी। इससे पहले तक थाना प्रभारी और एसीपी से लेकर अन्य अधिकारियों को घटना की जानकारी नहीं थी। सुबह 11 बजे पुलिसकर्मी अलर्ट हुए और मुसीर के घर पहुंचकर आरोपियों की पहचान करके धरपकड़ शुरू की। इस बीच घायल मुसीर से लिखित शिकायत लेकर यामीन, सईद, रिहान और निसार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। फिलहाल पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है।
एसीपी रजनीश उपाध्याय का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने पर मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की धरपकड़ हो रही है। गणतंत्र दिवस की रात घटना की सूचना देने में देरी पर जांच की जाएगी।