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Ghaziabad News: ग्रह दशा सही करने के नाम पर महिला व बुजुर्गों से ठगी करने वाले चार गिरफ्तार

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गाजियाबाद। ग्रह दशा सही करने के नाम पर महिला व बुजुर्गों को झांसे में लेकर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के चार शातिर टप्पेबाजों को गिरफ्तार किया है। ये सुनसान इलाके में लोगों को अकेला देखकर तंत्र-मंत्र की क्रिया करके अपने साथियों के साथ नगों का बेचने का नाटक करके गहने व नकदी लेकर फरार हो जाते हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार पी. ने बताया कि पकड़े गए शातिर टप्पेबाज मेरठ के परीक्षितगढ़ के गांव आसिफाबाद निवासी आबिद, उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के गांव कोपा ठंडा नाला गुलरभोज निवासी सैफ अली, खालिक और फुरकान हैं। इनके पास से ठगे गए करीब चार लाख की कीमत के गहने, 38 हजार की नकदी, एक तांबे का कटोरा, एक मूसली, 53 नग और वारदात में प्रयुक्त दो बाइक बरामद की हैं। ये झारखंड, मध्यप्रदेश समेत अन्य कई राज्यों से जेल जा चुके हैं। गाजियाबाद में आबिद के खिलाफ आठ, सैफ अली पर चार, खालिक और फुरकान पर पांच-पांच मुकदमे दर्ज हैं। इन्होंने इंदिरापुरम, मोदीनगर, विजयनगर, नंदग्राम में भी वारदात की हैं।
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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि आबिद घोड़ी-बग्गी चलाने का काम करता था, सैफ अली 12वीं पास है नग बेचने का काम करता था, खालिक पांचवीं पास है और नाई की दुकान पर काम करता था जबकि फुरकान 12वीं पास है। पूछताछ में आबिद ने बताया कि उनके गिरोह में युसुफ उर्फ मोटा, खुर्शीद, आमिर उर्फ कल्लू, बादशाह खान और शहजाद भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इनकी तलाश की जा रही है।



40 फीसदी माल लेता है गिरोह का सरगना

एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पूछताछ में शातिरों ने बताया गिरोह का सरगना ऊधमसिंह नगर के गांव कोपा निवासी जलालुद्दीन, असगर और पाथीराम हैं। ये ब्याज पर रकम देने का काम करते हैं। इन्होंने ही उन्हें बाइक दे रखी हैं। एक साथ निकलकर ये लोगों को फंसाकर ठगी करते हैं और जलालुद्दीन को देते हैं। जलालुद्दीन उसमें से 40 फीसदी माल लेकर उन्हें दे देता है। जिन्हें वे आपस में बांट लेते हैं।
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बाइक की पेट्रोल की टंकी में छिपा लेते हैं गहने

पूछताछ में शातिरों ने बताया कि रास्ते में महिला-बुजुर्गों को रोककर उन्हें बातों में उलझाकर ग्रह दशा खराब बताकर नग खरीदने का झांसा देते हैं। इसी बीच अपने साथियों के साथ मिलकर नग बेचने का नाटक करते हैं। इसी बीच उनके साथ एक तांबे के कटोरे में नग को घूमाकर कंपन्न करने का खेल करते हैं। महंगे नग बेचने के नाम पर महिला व बुजुर्गों से गहने व नकदी ले लेते हैं और नकली नग व पत्थर थमाकर फरार हो जाते हैं। पुलिस से बचने के लिए ठगे गए गहने को एक पन्नी में रखकर पेट्रोल की छिपा लेते हैं।
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