गाजियाबाद। एनआरएचएम घोटाले के दो अलग-अलग मामलों में मंगलवार को विशेष सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। अगली सुनवाई के लिए अदालत ने अलग-अलग तारीख लगाई है। एक मामले में एनआरएचएम के तहत लखनऊ के जिला अस्पताल में एक करोड़ 92 लाख रुपये की दवाई वर्ष 2010-11 में आपूर्ति हुई थी। घोटाला होने की शिकायत पर सीबीआई ने जांच की, इसके बाद सीबीआई ने पूर्व सीएमओ डॉ. दयाशंकर, प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला, चंद्रभान प्रसाद समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। दयाशंकर की तरफ से अदालत में डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की गई। मंगलवार को सीबीआई अदालत ने अर्जी पर सुनवाई के बाद 17 फरवरी की तारीख लगाई है।
वहीं, दूसरे मामले में शाहजहांपुर के जिला अस्पताल में एनआरएचएम के तहत वर्ष 2013 में लाखों रुपये की नेत्र सीडी किट की आपूर्ति हुई थी। सीबीआई ने मामले की जांच में करीब 27 लाख रुपये का घोटाला पाया गया था। इसके बाद सीबीआई ने शाहजहांपुर की सीएमओ डॉ. आतिफा सलाउद्दीन सिद्दीकी समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद आरोप पत्र पेश कर दिया था। इस मामले में मंगलवार को वित्त नियंत्रक आरपी मौर्या की गवाही हुई।