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सिगरेट पर शिकंजा: टायरों के बीच छिपाकर लाया जा रहा था 78 लाख का विदेशी माल, जानें क्यों है ये इतनी महंगी

Thu, 13 Oct 2022 05:53 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पिलखुवा

सार

एएसपी ने बताया कि बरामद सिगरेट की अनुमानित कीमत 78.80 लाख रुपये है। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मुख्य सरगना गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल का भाई अजरुद्दीन उर्फ सोनू है। उसकी तलाश में पुलिस टीम को रवाना किया गया है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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एसटीएफ नोएडा और पिलखुवा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते गुवाहाटी से दिल्ली ले जाई जा रही अवैध विदेशी सिगरेट से भरे कंटेनर को पकड़ा है। कंटेनर में टायरों के बीच सिगरेट छिपाकर रखी गई थी। दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस ने बरामद सिगरेट की कीमत करीब 78.80 लाख रुपये बताई है। फरार मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।

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एएसपी मुकेश कुमार मिश्र ने बताया कि नोएडा एसटीएफ को सूचना मिली थी कि विदेशी सिगरेट का जखीरा लेकर एक कंटेनर गुवाहाटी से दिल्ली जा रहा है। सूचना पर नोएडा एसटीएफ और पिलखुवा पुलिस की संयुक्त टीम ने एनएच-9 पर रामा मेडिकल कॉलेज के पास कंटेनर को पकड़ लिया। उसमें प्लॉस्टिक के बोरों में बंद तीस हजार दो सौ अवैध विदेशी सिगरेटों की डिब्बी बरामद हुईं। ट्रक से संभल जिले के थाना नखसा क्षेत्र के गांव ततारपुर निवासी रवि गिरी और बुलंदशहर के सिकंदराबाद के मोहल्ला मिर्दवाड़ा जामा मस्जिद के पास रहने वाले मुजम्मिल को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी सिगरेट के लाने और ले जाने संबंधी कोई भी क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख नहीं दिखा पाए।

एएसपी ने बताया कि बरामद सिगरेट की अनुमानित कीमत 78.80 लाख रुपये है। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मुख्य सरगना गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल का भाई अजरुद्दीन उर्फ सोनू है। उसकी तलाश में पुलिस टीम को रवाना किया गया है। 

टायरों के बीच में रखे थे सिगरेट के कार्टन
पुलिस को शक न हो इसलिए कंटेनर में टायर भर रखे थे। पुलिस के मुताबिक बरामद दस टायरा ट्रक में चारों ओर टायर रखे थे और उनके बीच में विभिन्न विदेशी ब्रांड की सिगरेटों की डिब्बी के कार्टन प्लॉस्टिक की बोरों में बंद करके रखे थे। कंटेनर गुवाहाटी, सिलीगुड़ी, कुशीनगर के तुमकहीराज, गोरखपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, हापुड़ होते हुए दिल्ली जा रहा था।
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इंडोनेशिया और कोरिया की निर्मित है सिगरेट
एएसपी मुकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सिगरेट इंडोनेशिया और कोरिया में निर्मित है। इनका भारत में आयात प्रतिबंधित है। आशंका है किसी पोर्ट के माध्यम से आरोपी सिगरेट की खेप यहां लाए थे। दिल्ली, बिजनौर और आसपास के जिलों में इन सिगरेटों की कुछ डीलरों को सप्लाई करते थे। 

इस वजह से इतनी महंगी थीं ये सिगरेट
जैसा कि पुलिस ने जानकारी दी कि यह सिगरेट भारत में बैन हैं और ये देश में तस्करी के जरिए आती हैं। आमतौर पर बाजार में मिलने वाले सिगरेट्स के दाम 10 से 20 रुपये के बीच होती हैं लेकिन इन्हें बाहर से स्मगलिंग के जरिए मंगवाया जा रहा था तो साफ है कि यह आम सिगरेट से महंगी थीं। इसके अलावा यह इतनी आसानी से सबको मुहैया भी नहीं होती थीं। इसके खरीददार भी उच्च तबके के लोग होंगे। 
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