साहिबाबाद। प्रोपर्टी डीलर राकेश की हत्या के मुख्य आरोपी राजू ने पुलिस पूछताछ में पूरी साजिश के बारे में विस्तार से बताया। पुलिस का कहना है कि उसे मालूम था कि पुलिस जांच पड़ताल के दौरान काॅल डिटेल निकालती है। इसलिए, उसने दो सिमकार्ड मुंबई से मंगाए। किसी और के नाम पर मोबाइल फोन दिल्ली के गफ्तार मार्केट से खरीदे। उसने सोचा था कि सिम और मोबाइल की जानकारी मिलने पर भी पुलिस को उस पर शक नहीं होगा। हत्या के बाद उसने दोनों सिमकार्ड तोड़कर फेंक दिए थे।
पुलिस का कहना है कि राकेश ने नवंबर 2023 में 20 करोड़ की संपत्ति की पाॅवर आफ अटार्नी राकेश के नाम की थी। इसके अगले महीने दिसंबर में ही उसने हत्या की साजिश बना ली। इसमें अनुज को शामिल किया। उसे नया फ्लैट दिलाने का लालच दिया। अनुज ने कृष्णा और हरीश से मिलवाया। हरीश एंबुलेंस चालक है। उसे नई एंबुलेंस दिलाने का लालच दिया। हरीश एनेस्थीसिया के इंजेक्शन लेकर आया था। उसे इंजेक्शन की दोगुनी रकम दी। साथ ही इंजेक्शन लगाने के दस हजार रुपये भी दिए।
डीएनए से होगी शव की पहचान : एसीपी सिद्धार्थ गौतम का कहना है कि 28 फरवरी से एक जून के बीच गंगनगर में तीन-चार लोगों के शव मिले हैं। इनकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। हो सकता है कि इनमें से ही कोई शव राकेश का हो। सभी शवों के पोस्टमार्टम के बाद विसरा संरक्षित रखे गए हैं। इनके डीएनए के साथ राकेश के परिजनों के डीएनए का मिलान कराया जाएगा।
आडिशन लेकर दिलाई धमकी
राजू ने राकेश को डराने के लिए धमकी दिलाई। यह फोन पर दी गई। इसमें मुंबई से खरीदे गए सिम का इस्तेमाल किया गया। धमकी देने वाले का चयन उसने आडिशन लेकर किया। कई लोगों को बुलाया। उनकी आवाज सुनी। उसने पुलिस का बताया कि धमकी दिलाने के लिए ऐसे शख्स को चुना जिसकी आवाज सुनकर डर लगे। धमकी दिलाने के बाद राकेश के पास गया। सहानुभूति जताते हुए उन्हें सलाह देकर केस दर्ज कराया। ऐसा इसलिए किया ताकि हत्या के बाद भी किसी को उस पर शक न हो।
पुलिस के खिलाफ की करा दी शिकायत
राकेश की हत्या के बाद राजू उनके घर सांत्वना जताने के लिए जाता था। उनकी पत्नी ममता से कहता था कि वह केस का खुलासा करवाकर रहेगा। वह ममता के साथ कई बार थाने भी गया। राकेश की गाड़ी मिलने के बाद पुलिस को उस पर शक हो गया। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया। इस पर उसने ममता से कहकर पुलिस के खिलाफ ही कोर्ट में शिकायती प्रार्थना पत्र दिलवा दिया।