लोनी। बागपत लोनी सीमा में पानी के बहाव से टूटे पुश्ते ने लोनी के खादर क्षेत्रों में बाढ़ के हालत बना दिए। पानी का बहाव इतना तेज है कि पुश्ता टूटने के 24 घंटे के अंदर ही खादर के मीरपुर हिंदू, सुंगरपुर, बदरपुर, अलीपुर, पचायरा, नवादा, सुभानपुर गांव, ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में 4 से 5 फुट पानी आ चुका है। 45 सालों पहले भी ऐसी स्थिति से ग्रामीणों को गुजरना पड़ा था।
बागपत की सीमा में बृहस्पतिवार को पानी के बहाव से पुश्ता करीब एक फुट टूटा था। पानी इतनी तेजी से निकल रहा था कि कुछ ही घंटों में पुश्ता करीब 30 फुट टूट गया था। पुश्ता टूटने के बाद पानी तेजी से बागपत और लोनी के अलग-अलग गांव की तरफ बढ़ने लगा था। इसकी सूचना मिलते ही गाजियाबाद प्रशासन मौके पर पहुंचा। उन्होंने बागपत के अधिकारियों को जल्द रेस्क्यू करने को कहा। लेकिन रेस्क्यू समय पर नहीं हो सका। रेस्क्यू समय पर नहीं होने पर 24 घंटे के अंदर पानी के बहाव ने करीब 100 फुट चौड़ा पुश्ता तोड़ दिया। शुक्रवार को पानी लोनी के 7 गांव में करीब 4 से 5 फुट तक भरने से गांव में बाढ़ के हालत बन गए। इसके बाद कुछ ग्रामीण पानी से होकर अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने लगे। कुछ ग्रामीणों ने अपने घरों के सामान को ऊपर मंजिल पर रख लिया। कुछ ग्रामीण अभी भी अपने घरों में फंसे हैं। पानी में फंसे ग्रामीणों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम को बुलाना पड़ा। एनडीआरएफ की टीम नाव के माध्यम से लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। जिन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। नगरपालिका लोनी उन लोगों के ठहरने के लिए पुश्ता के ऊपर ही टेंट लगा रही है।
शहरी इलाकों की तरफ बढ़ रहा पानी
खादर के बाद पानी अब शहरी इलाकों की तरफ बढ़ रहा है। पानी जल्द पूजा कॉलोनी, रामेश्वर पार्क कॉलोनी, खुशहालपार्क, दौलतनगर, पावी और लोनी शहरी इलाकों में पहुंचने वाला है। इन इलाकों में भी बाढ़ के हालत पैदा होने वाले हैं। खजुरी पुश्ता पर हो रहे निर्माण कार्य में भी बाधा आ सकती है। उधर पानी लोनी की तरफ आने पर दिन भर लोग पानी को लेकर चर्चा करते रहे।
पुश्ता टूटने पर पानी का स्तर कम हुआ
हथनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को भी बैराज से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो शनिवार को लोनी पहुंचेगा। इससे पहले लाखों क्यूसेक पानी छोड़ने पर दिल्ली के बदरपुर इलाकों में बाढ़ आ गई थी। दिल्ली प्रशासन ने बदरपुर समेत आसपास के इलाकों को खाली कराया था। बृहस्पतिवार को पुश्ता टूटने से पहले पानी खतरे के निशान से ऊपर 213.15 पर चल रहा था। पुश्ता टूटने के बाद पानी अब लोनी की तरफ आने लगा है। इससे दिल्ली की सीमा में भरे पानी का स्तर अब कम होने लगा है।
ग्रामीणों के पास नहीं पहुंच रही राहत सामग्री
7 गांव में पानी भरने के बाद आवागमन बंद हो गया है। पहले ही ऊर्जा निगम ने बिजली काट दी है। अब लोगों को पीने के लिए पानी और खाना की दिक्कत आनी शुरू हो गई है। गांव की दुकानें बंद हैं। जिन दुकानों पर खाने का सामान है, वह भी खत्म होने लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत सामग्री भिजवाने की मांग की है।
पत्थर डलवाकर पानी के बहाव को रोकने का प्रयास
पानी रोकने के लिए प्रशासन ने दिल्ली और आसपास के इलाकों से बड़े-बड़े पत्थर मंगाए हैं। इन पत्थरों को पानी मे डाला जा रहा है। जिससे पानी का बहाव कम हो सके। पानी का बहाव कम होने के बाद पुश्ते का निर्माण किया जाएगा। वहीं बागपत प्रशासन भी पुश्ता के निर्माण करने में जुटा है।
एक से दो दिन लगेंगे पुश्ता बनाने में एचओडी
लोनी में पानी भरने की सूचना पाकर लखनऊ से सिचाई विभाग के एचओडी एके जैन लोनी पहुंचे और पुश्ता का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यमुना का जो लेवल है, उससे डेढ़ मीटर पानी ऊपर चल रहा है। जब पानी का लेबल बढ़ता है, तो पानी का बहाव पुश्ता को तोड़ता हुआ बाहर निकलने लगता है। इस स्थिति को कंट्रोल करने में एक से दो दिन लगेंगे। पुश्ता का पानी रोकने के लिए दिल्ली और गाजियाबाद से मटेरियल मंगाया जा रहा है।