गाजियाबाद। मासूम सगे भाइयों को चीज दिलाने के बहाने काॅलेज के तीसरे तल पर ले जाकर कुकर्म के प्रयास के दोषी सुरक्षा गार्ड नानक चंद को पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट की विशेष न्यायाधीश दीपिका तिवारी ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के इंजीनियरिंग कॉलेज के पास एक व्यक्ति का मकान है। व्यक्ति के आठ और 12 साल के दो बेटे इंजीनियरिंग कॉलेज के बाहर खेल रहे थे। उस समय कॉलेज की छुट्टी चल रही थी। कालेज में सुरक्षा गार्ड नानक चंद तैनात था। 25 जनवरी 2014 को इंजीनियरिंग कॉलेज के बाहर खेल रहे व्यक्ति के दोनों बेटों को बहलाकर नानक चंद कॉलेज की तीसरी मंजिल पर ले गया। नानक चंद ने दोनों बच्चों के साथ कुकर्म का प्रयास किया। इसके बाद बच्चों ने शोर मचा दिया, जिससे कुछ स्थानीय लोग वहां पहुंच गए। बच्चों के पिता ने कोतवाली घंटाघर में नानक चंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर नानक चंद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इस समय वह जमानत पर जेल से बाहर था।
मामले की अंतिम सुनवाई सोमवार को विशेष पॉक्सो में हुई। अदालत ने पेश सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर आठ वर्ष के बच्चे के साथ कुकर्म का प्रयास करने का दोष सिद्ध होने पर चार वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड और 12 वर्ष के बच्चे के साथ कुकर्म का प्रयास करने पर पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।