इंदिरापुरम। छिजारसी अंडरपास में मंगलवार की रात साढ़े नौ बजे बदमाशों ने कार सवार किराना कारोबारी अभिषेक अग्रवाल से 12 लाख रुपयों से भरा बैग लूट लिया। दो बाइक पर आए पांच बदमाशों ने ओवरटेक करके कार रुकवाई और तमंचा तान दिया। बदमाशों से घिरा देख अभिषेक सहम गए। इसी बीच एक बदमाश ने तमंचे से कार का शीशा तोड़कर अंदर रखा बैग निकाल लिया। इसके बाद बदमाश तमंचे लहराते हुए फरार हो गए।
इंदिरापुरम कोतवाली में केस दर्ज कराते हुए विजयनगर सेक्टर-9 निवासी अभिषेक ने बताया कि वह नोएडा के सेक्टर-65 स्थित बहलोलपुर से अपनी दुकान किशन ट्रेडर्स को बंद कर मुनीम गोविंदा के साथ घर जा रहे थे। रोज वह दिनभर में जमा हुई रकम को शाम को बैंक में जमा करा देते हैं लेकिन मंगलवार को दुकान बंद होने में देरी हो जाने की वजह से ऐसा नहीं कर सके।
उन्होंने बताया कि छिजारसी अंडरपास में बदमाशों ने उनकी कार को ओवरटेक करते हुए आगे बाइक खड़ी कर दी। वह गाड़ी से उतरने ही वाले थे कि बदमाशों ने तमंचे तान दिए। तभी एक और बाइक वहां आकर रुकी। उस पर तीन बदमाश थे। उनमें से एक ने तमंचे से कार का शीशा तोड़ा और अंदर रखा बैग निकाल लिया।
इसके बाद बदमाशों ने धमकी कि अगर शोर मचाया तो गोली मार देंगे। बदमाश उनके सामने ही तमंचे लहराते हुए भाग गए। अभिषेक का कहना है कि बदमाशों के कुछ दूर चले जाने पर उन्होंने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर में ही पुलिस के अधिकारी पहुंच गए लेकिन तब तक बदमाश काफी दूर जा चुके थे। पुलिस ने आसपास चेकिंग की लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
कैमरे में नजर आई
बदमाशों की बाइक
लूट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें बदमाशों का चेहरा स्पष्ट नजर नहीं आ रहा है। एक फुटेज में बाइक साफ दिख रही है। इसी के आधार पर बदमाशों का सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, घटना को 24 घंटे बीत जाने के बाद बुधवार की रात दस बजे तक पुलिस ऐसा कोई ठोस सुराग हासिल नहीं कर सकी जिससे घटना के खुलासे की उम्मीद जगे।
इंस्पेक्टर, दरोगा के निलंबन
के बाद भी गश्त में ढिलाई
16 दिन पहले ही इंदिरापुरम के अंहिसाखंड में शोरूम से तीन करोड़ की घड़ियां चोरी हो गईं थी। इस मामले में पुलिस की ढिलाई सामने आई थी। इस पर पुलिस आयुक्त ने इंदिरापुरम थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर और एक दरोगा को निलंबित कर दिया था। इस कार्रवाई के बावजूद रात में पुलिस की गश्त में सुधार नहीं हुआ। इसका नतीजा एक और बड़ी वारदात के रूप में सामने आ गया।
10 टीमों का किया गठन
डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि लूट के खुलासे के लिए 10 टीमों का गठन किया गया है। कुछ सुराग मिले हैं। उन पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही खुलासा हो जाएगा।