गाजियाबाद। नंदग्राम के सेवानगर से पुलिस ने धर्मांतरण कराने के आरोप में डासना के चर्च के पादरी गैराल्ड मेसी मैथ्यूज समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मैथ्यूज इंग्राहम स्कूल में पीटीआई है। आरोप है कि ये लोग बीमारी दूर करने का दावा करके धर्मांतरण करा रहे थे।
इस मामले में संगठन धर्म जागरण समन्वय के संयोजक नवीन सिंह की ओर से नंदग्राम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। एफआईआर में बताया गया है कि पादरी अपने साथियों समेत कई दिन से सेवानगर में देखा जा रहा था। नवीन सिंह का कहना है कि उस पर नजर रखी गई तो पता चला कि ये लोग एक परिवार के धर्मांतरण का प्रयास कर रहे हैं।
यह परिवार रवि का है। मंगलवार को पादरी अपनी टीम के साथ यहां पहुंचा थे। ये लोग ईसाई धर्म का अनुष्ठान करा रहे थे। तभी पुलिस आ गई। पादरी और उसके चार साथियों को मौके से ही गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आते ही रवि के परिवार के लोग दो फाड़ हो गए। कुछ लोग पादरी के पक्ष में थे जबकि अन्य विरोध कर रहे थे।
विरोध कर रहे लोगों ने ही बताया कि ये लोग परिवार के बीमार लोगों की बीमारी दूर करने के बहाने से आते हैं। धार्मिक अनुष्ठान से बीमारी दूर करने का दावा करके धर्मांतरण कराते हैं। रवि ने पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया। नवीन का कहना है कि रवि पूरी तरह से पादरी के जाल में फंस चुका है। वह अपने परिवार का धर्मांतरण कराना चाह रहा था।
पुलिस ने बताया कि पादरी, रवि, मोदीनगर के दीपक और रोहन व राजनगर के आशीष को गिरफ्तार किया गया है। रवि के पड़ोस के लोगों ने भी पादरी और उसकी टीम का विरोध कर पुलिस से कार्रवाई करने के लिए कहा। हालांकि, आरोपियों को जब थाने ले जाया गया तो उनकी हिमायत में भी कई लोग आ गए। हापुड़, मोदीनगर और बागपत से आए इन लोगों का कहना था कि एक संगठन की शिकायत पर पुलिस बगैर जांच के कार्रवाई कर रही है।
स्कूल में दाखिले के नाम पर भी धर्मांतरण
नवीन सिंह का दावा है कि ये लोग काफी समय से धर्मांतरण करा रहे हैं। इनके बारे में बता चला है कि स्कूल में बच्चे के दाखिले के नाम पर भी धर्मांतरण कराया गया है। पुलिस गहराई से जांच करे तो बड़ा खुलासा हो सकता है। इसके अलावा किसी को नौकरी को किसी को गरीबी दूर करने का झांसा दिया गया है। यह ठीक वैसा ही मामला है जैसा पिछले साल मोदीनगर में पकड़ा गया था। वहां भी पादरी धर्मांतरण करा रहा था। उसे विदेश से भी फंडिग की जा रही थी। धर्मांतरण के सभी गिरोह के निशाने पर शहर की बाहरी बस्तियां रहती हैं। ये लोग गरीबी और बीमारी दूर करने के दावे करके लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। कई लोगों को पैसे देकर भी धर्मांतरण कराते हैं। फिर उन लोगों का इस्तेमाल अन्य लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए करते हैं।
प्राथमिक जांच में सही पाए गए आरोप
एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा ने बताया कि प्राथमिक जांच में धर्मांतरण कराने के आरोप सही पाए गए हैं। गैराल्ड मैथ्यूज मेसी और चार लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह भी जानकारी मिली है कि ये लोग काफी समय से धर्मांतरण करा रहे थे। इसलिए, कई पहलुओं पर गहराई से जांच कराई जा रही है।