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Ghaziabad News: 13 साल पहले लोनी में जाम लगाने के मामले में विधायक नंदकिशोर समेत पांच बरी

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गाजियाबाद। लोनी में पशु काटने के विरोध में 13 साल पहले जाम लगाने के मामले में विधायक नंद किशोर गुर्जर समेत सभी पांच आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। जाम लगाने के मुख्य आरोपी विरेंद्र कुमार गुप्ता की मुकदमे के विचारण के दौरान मौत हो चुकी थी। एमपी/एमएलए की विशेष कोर्ट के न्यायाधीश नेत्रपाल सिंह ने झूठी गवाही देने के आरोप में चार पुलिस कर्मियों तुकमान, वीरपाल सिंह, राघवेंद्र सिंह और अरविंद कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इसमें अधिकांश गवाह अदालत में अपने बयान से मुकर गए थे।
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नंद किशोर गुर्जर के अधिवक्ता पूर्व सचिव परविंदर नागर ने बताया कि तत्कालीन डीएलएफ चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने लोनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि छह अक्तूबर 2010 को लोनी थाना क्षेत्र की चमन कॉलोनी में सुबह करीब 7:30 बजे पशु काटने को लेकर बीच सड़क पर टेंपो व ठेले लगाकर करीब 100 लोगों ने जाम लगाकर आवागमन रोक दिया था।
घटना की सूचना मिलने पर लोनी थाना प्रभारी और डीएलएफ चौकी प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भीड़ को समझाने का प्रयास किया। मगर कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर ईंट और पत्थर से हमला कर दिया। जमा भीड़ ने मांस की दुकानों में आग लगा दी थी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया था।
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इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी विरेंद्र गुप्ता, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, राजन तिवारी, करण सिंह, जेपी गौड़ समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अदालत में चार्जशीट पेश की थी । मामले में विचारण के दौरान विरेंद्र की मौत हो गई थी वहीं, दूसरे आरोपी कालू यादव का नाम हाईकोर्ट के आदेश पर निकाल दिया गया था।
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