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सिरफिरा सुरेश: पारिवारिक कलह में पाइप निकाल सिलेंडर में लगाई आग, 11 लोग झुलसे; अस्पताल में कराया भर्ती

Sat, 11 Mar 2023 03:04 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

परिजनों ने रोका तो लाइटर जला दिया। इससे आग फैल गई। इसमें तीन बच्चे, पत्नी, पड़ोसी समेत 11 लोग झुलस गए। सभी को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पत्नी से झगड़े के पीछे उसके किसी से संबंध होने का शक बताया गया है।
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झुलसे लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बार्डर थाना क्षेत्र की तिलकराम कॉलोनी में बृहस्पतिवार रात करीब सवा 12 बजे पत्नी से झगड़े के बाद खोखा दुकानदार सुरेश (40) ने आत्महत्या करने के लिए गैस सिलिंडर से पाइप खोल दिया। गैस फैल गई। परिजनों ने रोका तो लाइटर जला दिया। इससे आग फैल गई। इसमें तीन बच्चे, पत्नी, पड़ोसी समेत 11 लोग झुलस गए। सभी को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पत्नी से झगड़े के पीछे उसके किसी से संबंध होने का शक बताया गया है।

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तिलकराम कॉलोनी में बाबू राम परिवार के साथ रहते हैं। उनके चार बेटे सुरेश, रामपाल, जोनी और बृजपाल हैं। बाबू राम अपने बेटों से अलग रहते हैं। तीन मंजिला मकान की निचली मंजिल में सुरेश अपनी पत्नी रितू, बच्चे प्रयांशी, डूग्गू, प्रयांक के साथ रहते हैं। सुरेश व रामपाल दूसरी मंजिल व तीसरी मंजिल में जोनी अपनी पत्नी पूजा और बच्चों के साथ रहते हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि सुरेश और उसकी पत्नी में कई दिनों से झगड़ा हो रहा था। बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 11 बजे किसी बात को लेकर दंपती में फिर से झगड़ा हो गया। करीब एक घंटे दोनों में झगड़ा हुआ।

इसके बाद सुरेश ने खुद को रसोई में बंद कर लिया और गैस का पाइप निकालकर आत्महत्या करने की बात कहने लगा। पत्नी रितू ने ऐसा करने से रोका लेकिन वह नहीं मान रहा था। इसके बाद रितू ने परिवार के अन्य सदस्यों और आसपास के लोगों को बुला लिया। परिवार के सदस्य और पड़ोस के लोग उसे ऐसा करने से रोकते रहे। 
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जांच कर होगी कार्रवाई
एसीपी रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि मामले में कोई तहरीर नहीं आई है। शुरुआती जांच में  झगड़ा होने की जानकारी मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लाइटर जलाते ही धमाके के साथ फैल गई आग
सुरेश ने रसोई का दरवाजा नहीं खोला तो परिवार के सदस्य रसोई की खिड़की से अंदर जाने लगे। इस दौरान सुरेश हाथ में लाइटर लेकर बोलने लगा कि अंदर मत आना वर्ना मैं लाइटर जला दूंगा। परिजनों को रसोई में आता देख सुरेश ने लाइटर जला दिया। लाइटर जलाते ही घर में धमाका हुआ और आग लग गई। आग फैलने पर रसोई से सटे बरामद पर खडे़ परिवार के सदस्य और पड़ोसी झुलस गए। सुरेश के भाई बृजपाल झुलसने के बाद भी अंदर घुसे और सिलिंडर को बाहर निकालकर नाले में डाल दिया। उन्हें डर था कहीं सिलिंडर फट ना जाए। आग लगने पर आसपास के और लोग आ गए। उन्होंने सभी घायलों को घर से बाहर निकाला। इस दौरान सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। उन्होंने सभी घायलों को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया है।

जीटीबी अस्पताल में कराए गए भर्ती
घटना में सुरेश के साथ-साथ उनके भाई बृजपाल उर्फ  पप्पू, पत्नी रितू, भाभी पूजा, बेटा डूग्गू (7), बेटी प्रियांशी (8), प्रियंका (5) पड़ोसी नरेश, योगेश और दीपक झुलस गए। जिस समय यह घटना हुआ थी उस समय घर पर यह सब लोग मौजूद थे। झुलसने के बाद सभी घायलों का दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सुरेश के भाई बृजपाल की हालत गंभीर हैं। अन्य के बारे में दस से बीस प्रतिशत झुलसना बताया गया। घटना के बाद पुलिस को पहली सूचना यह दी गई कि सिलिंडर फटने से 11 लोग घायल हो गए हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां भारी भीड़ जमा थी। लोगों ने बताया कि सिलिंडर नहीं फटा है, आग लगाई गई है।

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