गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने लिंग परीक्षण करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सात नामजद और बाकी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। दिल्ली, नोएडा से लोनी के अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए लाए जाने के शक में इन सभी पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अलावा नर्सिंग होम को सील कर दिया है।
प्री कन्सेप्शन एंड प्री नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (पीसीएनडीटी) के नोडल अधिकारी चरण सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि दिल्ली, नोेएडा से गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए घिटौरा स्थित प्रधान नर्सिंग होम लाया जाता था, वहां से सभी को एकत्र करके पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से लिंग परीक्षण किया जाता था। जानकारी के बाद पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी सहित समन्वयक उमेश कुमार गुप्ता, लोनी की नायब तहसीलदार रति गुप्ता को मिलाकर एक टीम गठित की गई। एसीपी रजनीश कुमार उपाध्याय के सहयोग से जिन गाड़ियों के लिए सूचना मिली थी उन गाड़ियों को रोक कर पूछताछ की गई, जिसमें दिल्ली से एक गर्भवती महिला अपने पति के साथ पहुंची थीं। इसके अलावा तीन अन्य गभर्वती महिलाएं ऑटो और अन्य गाड़ियों से प्रधान नर्सिंग होम पहुंची। पूछताछ में उन्होंने बताया कि शशि नामक महिला को 20 हजार रुपये दिए हैं। उसके साथ शामिल अकरम खान महिलाओं को ऑटो और स्कूटी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाता है। उन्होंने बताया कि सभी को एक गाड़ी से प्रधान नर्सिंग होम ले जाया गया जहां एक डॉक्टर पहुंचे, जिन्होंने पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड किया और सभी को लड़का होना बताया गया। चरण सिंह ने बताया कि पूछताछ में जानकारी मिली है कि इस नर्सिंग होम में कन्या भ्रूण होने पर गर्भपात भी कराया जाता था। विभाग की टीम के पहुंचते ही चिकित्सक सहित अन्य मशीन लेकर वहां से फरार हो गए। निरीक्षण में यह पाया गया कि नर्सिंग होम अपंजीकृत है। वहां दो बेड भी लगाए गए थे। नर्सिंग होम को तत्काल सील कर दिया गया है नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है। इसके अलावा कपिल, शेखर, संदीप शर्मा, रेखा, शशि, अकरम खान, डॉ. तिलक और अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। ब्यूरो