श्रमिकों के न मिलने से हरित पट्टीओं की देखरेख प्रभावित, देखरेख के अभाव में हापुर रोड हरित पट्टी में सूखते पेड़
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सबहेड: महानगर में 35 किमी लंबी हरित पट्टियों की देखरेख करता है जीडीए, नहीं हो पाए टेंडर माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। लॉकडाउन में मौसम का पारा चढ़ने का सबसे ज्यादा असर महानगर की हरित पट्टियों, सेंट्रल वर्ज और गोल चक्करों में तैयार की गई रोटरी पर पड़ रहा है। जीडीए महानगर में करीब 35 किमी लंबी हरित पट्टियों की देखभाल करता है। लॉकडाउन के कारण पहले तो हापुड़ चुंगी, कविनगर सहित अन्य हरित पट्टियों की देखभाल के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब हरित पट्टियों की देखभाल के लिए श्रमिक नहीं मिलने से पेड़-पौधाें के सूखने की संभावना खड़ी हो गई है। जीडीए ने एक-दो जगह लेबर जुटाई भी, लेकिन बड़ा एरिया होने से अधिकारियों के माथे पर भी साफ तनाव देखा जा सकता है। ऐसे में तापमान 40 के पार जाने से समस्या और बढ़ सकती है। हरित पट्टियों के अलावा सेंट्रल वर्ज पर भी गर्मी की मार पड़ रही है। दूसरी ओर राजनगर एक्सटेंशन और मधुबन बापूधाम स्थित जीडीए की नई नर्सरी की देखभाल में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रमिकों के नहीं मिलने से जैसे तैसे काम को चलाया जा रहा है। बता दें कि लॉकडाउन के कारण जीडीए के उद्यान अनुभाग की विभिन्न हरित पट्टियों की देखरेख के टेंडर नहीं हो सके। इसमें मुख्य रूप से कलक्ट्रेट के सामने से गुजरने वाली हापुड़ रोड की मुख्य हरित पट्टी है। यहां ठाकुरद्वारा तिराहे से लेकर गोविंदपुरम तक हरित पट्टी का हाल बेहाल हो गया है। यहां हरित पट्टी के अधिकांश पेड़ सूखने के कगार पर है। यहां जीडीए ने पांच-छह श्रमिक काम पर लगाए हैं। लेकिन एरिया बड़ा होने से यह लेबर को काम पूरा करने में लंबा वक्त लग सकता है। दूसरी ओर कविनगर से एएलटी सेंटर से राजनगर एक्सटेंशन चौराहे तक जाने वाली हरित पट्टी का भी टेंडर नहीं हुआ है। दूसरी ओर एलिवेटेड रोड के मुख्य गोल चक्कर पर अधिकांश पौधे सूखने लगे थे। जीडीए गोल चक्कर में खड़ी हो गई घास को कटवाने का काम शुरू किया है। इसके अलावा महानगर की विभिन्न हरित पट्टियों, सेंट्रल वर्ज और गोल चक्कर में तैयार की गई आकर्षक रोटरी के पौधों की श्रमिक नहीं मिलने से देखरेख प्रभावित हो रही है। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि हरित पट्टियों और नर्सरी की देखभाल में श्रमिकों के न मिलने की समस्या पेश आ रही है। हरित पट्टियों का एरिया बड़ा होने से समस्या पेश आ रही है। कुछ श्रमिक जुटाकर हापुड़ रोड पर काम शुरू कराया गया है।