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Ghaziabad News: यूपी गेट पहुंचे भाकियू महात्मा टिकैत के किसान, सड़क पर बैठकर दिया धरना, की नारेबाजी

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कौशांबी। एमएसपी समेत कई मुद्दों पर बृहस्पतिवार दोपहर पौने तीन बजे यूपी गेट पर भाकियू महात्मा टिकैत संगठन के 30-40 किसानों ने सड़क पर बैठकर धरना और नारेबाजी शुरू कर दी। वे सभी 10-12 गाड़ियों से जेवर, अलीगढ़, यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य रास्तों से होकर यूपी गेट पहुंचे थे। आधे घंटे तक किसान फ्लाईओवर के नीचे डटे रहे। किसानों को देखकर दिल्ली और यूपी पुलिस के अधिकारी अलर्ट हो गए। लाउडस्पीकर से किसानों के पहुंचने की सूचना हाईवे पर तैनात पुलिस बल को दी गई। नाराज किसानों ने नारेबाजी से सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। पुलिस ने उन्हें सड़क से उठाकर हिरासत लिया और बस में बैठाकर कौशांबी थाने भेज दिया। गुस्साए किसानों ने थाने में भी तिरपाल डालकर धरना दिया।
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भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल तालान ने कहा कि सरकार ने 2022 में किसान आंदोलन के समय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने, स्वामीनाथन कमेटी के आधार पर फार्मूला लागू करने का आश्वासन दिया था लेकिन वह आज तक पूरा नहीं हुआ। किसान पुरानी मांगों के लिए परेशान हैं। पीएम नरेंद्र मोदी जब सरकार में नहीं थे, उन्होंने 2011 में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर किसानों की फसलों को एमएसपी में लाने की वकालत की थी लेकिन मौजूदा सरकार अब किसानों के साथ उसी बर्बरता से पेश आ रही है जैसा पहले की सरकारें करती थीं।
उन्होंने रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी हम सभी धरना-प्रदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अलग-अलग जगह से 500-600 गाड़ियों में तीन हजार से अधिक किसान यूपी गेट के लिए आ रहे थे लेकिन पुलिस ने कुछ को नजरबंद कर दिया तो कई किसानों को अलग-अलग जगह रोक दिया। यूपी गेट पर फ्लाईओवर के नीचे सड़क पर बैठे किसानों ने नारेबाजी की। गुस्साए किसान लंबा धरना करने के लिए अपने साथ राशन सामग्री लेकर पहुंचे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें सड़क से उठाकर हिरासत में ले लिया। कुछ किसान पुलिसकर्मियों से छूटने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें फोर्स ने पकड़कर जबरन बस में बैठाकर कौशांबी थाने भेज दिया।
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कौशांबी थाने में भी किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने तिरपाल बिछाकर वहां भी नारेबाजी की। हालांकि, पुलिसकर्मियों के समझाने पर किसान शांत हो गए। इसके बाद उन्होंने खाना खाया और बाकी किसानों के आने का इंतजार करने लगे।
किसानों को देखते ही हाईवे पर रखने लगे ट्रकों से सीमेंट के ब्लॉक :
शाम चार बजे किसानों की गतिविधियां बढ़ने की संभावना पर दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर मंडी से कौशांबी की तरफ आने वाली लेन पर सीमेंटेड बैरियर में कंक्रीट डालकर उससे पक्का किया जबकि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर भारी मालवाहक ट्रकों में सीमेंट के ब्लॉक लाकर सड़क पर रख दिए जिससे किसानों को आने जाने से रोका जा सके। खास बात है कि किसानों पर नजर रखने के लिए स्ट्रीट लाइट के खंभों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम किया गया।
दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों ने किया निरीक्षण :
किसान जैसे ही यूपी गेट पर पहुंचना शुरू हुए तो दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी और अन्य अधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने इंदिरापुरम एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह और लोकल इंटेलिजेंस के अधिकारियों से कुछ देर वार्ता कर किसानों की गतिविधियों को जानकर आगे की रणनीति बनाई। इस दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर आने और जाने वाली दोनों लेन के साइड में ग्रीन बेल्ट में भी पुलिस ने खोदाई करा दी जिससे किसान दिल्ली सीमा में न घुस पाएं।

एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि किसानों संगठन के कुछ लोग यूपी गेट पहुंचे थे। उन्हें हिरासत में लेकर धारा-144 लागू होने के बारे में बताया गया। सभी को हिरासत में लेकर बस से कौशांबी थाने भेजा गया। वहां से उन्हें घर रवाना किया। यूपी गेट पर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
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