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Ghaziabad News: हत्या का मुकदमा दर्ज करने के लिए किसानों ने किया हंगामा

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मोदीनगर। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान हाथ की नस काटने के बाद किसान सुशील कुमार की मौत से गुस्साए भाकियू पदाधिकारियों ने तहसील का घेराव करते हुए हंगामा किया। किसान दोषी अधिकारियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करते हुए पांच घंटे तक तहसील में जमे रहे। एसडीएम शुभांगी शुक्ला ने किसानों को मनाने का प्रयास किया। देर शाम तक किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद एसडीएम ने लेखपाल राजन प्रियदर्शी को निलंबित कर दिया तो किसानों ने ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त किया।
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भाकियू के एनसीआर अध्यक्ष प्रवीण मलिक, उपाध्यक्ष सतेंद्र त्यागी और पप्पी नेहरा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान तहसील मुख्यालय पहुंचे। प्रवीण मलिक और सतेंद्र त्यागी ने कहा कि अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए तीन साल तक दफ्तरों के चक्कर काट कर थक चुके किसान ने आहत होकर समाधान दिवस में अपने हाथ की नस काट ली। अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसान की जान चली गई। मंडल उपाध्यक्ष पवन चौधरी ने किसान के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की।
एसडीएम शुभांगी शुक्ला आंदोलनकारी किसानों के बीच पहुंचीं और उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया। इस दौरान मृत किसान के परिजन दुलीचंद त्यागी ,सुधीर त्यागी,ललित त्यागी, बाबा परमेंद्र आर्या, अनुज शर्मा,कुलदीप त्यागी, विनीत त्यागी, अरुण कसाना, मनोज त्यागी, कामिल चौधरी, मनीष त्यागी, दीपक त्यागी मौजूद रहे।
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ये था मामला
शनिवार को तहसील मुख्यालय पर संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम शुभांगी शुक्ला और तहसीलदार हरिप्रताप लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। तभी मूलरूप से मुरादनगर के डिडौली गांव निवासी किसान सुशील त्यागी (65) वहां पहुंचे। सुशील कुमार करीब तीन वर्ष से गांव की अपनी जमीन की पैमाइश की मांग कर रहे थे। किसान की कुछ जमीन पर दबंगों ने कब्जा किया हुआ है। समस्या का समाधान नहीं होने से क्षुब्ध किसान ने अपने हाथ की नस काट ली थी, इसी बीच उन्हे हार्ट अटैक आया था। मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

मुजफ्फरनगर में हुआ अंतिम संस्कार
किसान सुशील कुमार काफी समय से परिवार सहित मुजफ्फरनगर की इंद्रा कॉलोनी में रह रहे थे। परिजन मेरठ मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराने के बाद उनके शव को शनिवार रात ही मुजफ्फनगर ले गए। वहां देर रात उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद कोई अधिकारी परिवार से मिलने नहीं पहुंचा।

मौत का कारण स्पष्ट नहीं, हार्ट किया प्रिजर्व
सीएचसी प्रभारी डॉ. कैलाशचंद ने बताया कि सुशील कुमार का पोस्टमार्टम मेरठ मेडिकल कॉलेज में हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इसके बाद उनका हार्ट प्रिर्जव कर जांच के लिए भेजा गया है।


अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु सुहास का कहना है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील पुहंचकर अधिकारियों से जानकारी जुटाई और गांव डिडौली जाकर मुआयना किया। जांच में सामने आया कि लेखपाल दो बार गांव पहुंचा था, मगर उसने सही तथ्यों के साथ रिपोर्ट नहीं दी। पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को सौंप दी गई है।
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