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'CM योगी के नाम सुसाइड नोट': समाधान दिवस पर कुर्ते में आग लगाकर पहुंचा किसान, मचा हड़कंप; पुलिस पर गंभीर आरोप

Sat, 03 May 2025 09:43 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, मोदीनगर (गाजियाबाद)

सार

सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुर्ते में आग लगाकर एक किसान पहुंचा। जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस पर धोखाधड़ी के आरोपियों को बचाने का आरोप है। वहीं मुख्यमंत्री के नाम सुसाइड नोट लिखा है। साथ ही समाधान दिवस पर भारत माता के जयकारेे लगाए। 
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कुर्ते में आग लगाकर पहुंचा किसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तहसील मुख्यालय स्थित सभागार में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस के दौरान गोविंदपुरी कॉलोनी निवासी किसान सत्येन्द्र कुमार कुर्ते में आग लगाकर अधिकारियों के सामने पहुंचे। आग देखकर वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने आग को बुझाया। अधिकारियों ने किसान सत्येन्द्र के केस की आख्या मांगी है। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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शनिवार दोपहर करीब 1.45 बजे एडीएम एफ सौरभ भट्ट,उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवती ,तहसीलदार रजत सिंह और अन्य अधिकारी फरियादियों की शिकायतें सुन रहे थे। तभी किसान सत्येन्द्र कुमार अपने कुर्ते मे आग लगाकर भारत माता की जय बोलते हुए अधिकारियों के सामने पहुंचा। समाधान दिवस में मौजूद लोगों ने सत्येन्द्र कुमार सेे आग बुझाने के लिए कहा मगर किसान ने उनकी बात नहीं मानी।

इसके बाद पुलिसकर्मी तेजी से दौड़ते हुए किसान के पास पहुंचे और किसी तरह किसान कोे शांत करा कुर्ते की आग बुझाई। सत्येन्द्र कुमार मुख्यमंत्री के नाम एक सुसाइड नोट भी लेकर गए थे। जिसमें उन्होने पुलिस की कार्यशैली से खफा होकर  आत्मदाह करने की बात लिख रखी थी। 
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 सत्येन्द्र कुमार की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे अंमित पत्र के अनुसार गांव कादराबाद में उनकी कृषि भूमि थी। सत्येन्द्र कुमार का आरोप है कि भूमाफियाओं ने जालसाजी से उनकी कृषि भूमि बेच दी। उन्होने मोदीनगर थाने में भूमाफियाओं के जालसाजी और धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सत्येन्द्र कुमार का आरोप है कि पुलिस ने भूमाफियाओं से साठगांठ के कारण केस में दो बार फाइनल रिपोर्ट लगा दी।

सत्येन्द्र कुमार का कहना है कि वह निष्पक्ष जांच के लिए उपजिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके है,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सत्येन्द्र के अनुसार मुख्यमंत्री दरबार में भी वह दो बार गुहार लगा चुके है मगर इसके बाद उन्हें न्याय नहीं मिला। उधर, समाधान दिवस में कुल 56 शिकायत आई,जिनमें से दो का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती का कहना है कि सत्येन्द्र का मामला पुलिस से जुड़ा है। पुलिस अधिकारियों से सत्येन्द्र केस की आख्या मांगी गई है।

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