गाजियाबाद। लू और गर्मी से हुई मौतों की जांच रिपोर्ट तीन दिन में मिलना तो दूर, जांच को ही लेकर सीएमएस व सीएमओ के बीच गलतफहमी बनी हुई है। सीएमएस का कहना है कि उनके द्वारा गठित टीम ने एमएमजी अस्पताल में हुई मौतों की जांच कर रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी है। वहीं, सीएमओ का कहना है कि एक ही टीम सभी मौतों की जांच कर रिपोर्ट देगी। अगर टीम मांग करेगी तो पुलिस से पंचायतनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वाथ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून तक 270 लोग लू से बीमार हुए थे। एक सप्ताह में 68 लोगों की मौत हुई थी, इसमें 28 लोग सड़कों पर बेहोश या मृत मिले थे। इसके अलावा अस्पतालों में लू और गर्मी से बीमार होने के बाद भर्ती होने वाले 20 लोगों की मौत हो चुकी है। अचानक पोस्टमार्टम हाउस पर शव की संख्या बढ़ने से उन्हें सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी बिगड़ गई थी। सीएमओ कार्यालय स्तर से पोस्टमार्टम हाउस में शव को सुरक्षित रखने के लिए 25 स्ट्रेचर भिजवाने के साथ ही एक कमरे में एसी लगवाया गया, जिससे शव अधिक समय तक सुरक्षित रह सकें। पिछले पांच दिनों में 56 से अधिक शव का पोस्टमार्टम किया गया। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर लू और गर्मी से मरने वालों का जांच करने के निर्देश दिए थे। समिति ने एमएमजी अस्पताल में हुई मौत की जांच कर रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी थी, उसमें सिर्फ एक की मौत लू से होना बताया था। सीएमएस डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि एमएमजी अस्पताल में पहुंचे शव और मरीज की मौत की ही जांच करा सकते हैं। जिले में होने वाली मौत की जांच सीएमओ स्तर से गठित समिति कर सकती है।
बसान
जिले में हुई सभी मौत की जांच एक ही समिति करेगी। इसके लिए एमएमजी अस्पताल के सीएमएस को दोबारा पत्र लिखकर निर्देश दिया गया है। समिति अगर मांग करेगी तो शव का पंचायतनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। अभी तक मुझे रिपोर्ट नहीं मिली है। - डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ