इंदिरापुरम। वसुंधरा सेक्टर-13 में बीमा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर पार्थ गुप्ता की मौत के मामले में मां शीला गुप्ता ने हत्या का आरोप लगाया है। शनिवार को वह और अन्य परिजन इंदिरापुरम कोतवाली पहुंची। उन्होंने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी है लेकिन उन्हें रिसीविंग नहीं मिली। उन्होंने पुलिस से आरोपों पर जांच कर कार्रवाई की मांग की।
मां शीला का कहना है कि शादी से पहले पार्थ उनके पास रहते थे। प्रेम विवाह के बाद वह सात साल से अलग रह रहे थे। जब कभी वह फोन पर बात करते थे तो पीछे से उनकी पत्नी मना करती थीं। इतना ही नहीं, परिवार के सदस्यों से उन्हें मिलने नहीं दिया जाता था। अब काफी तनाव में रहते थे। उन्हें बेटे के ऑफिस से भी पता चला कि वो हमेशा तनाव में रहते थे। बेटे की मौत की सूचना के बाद जब परिवार के लोग हिंडन मोर्चरी पहुंचे तो वहां पता चला कि घटना के समय पार्थ के हाथ बंधे थे जबकि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता।
उन्होंने पुत्रवधू, उसके परिजनों पर हत्या करने का शक जताया है। शिकायत देने के लिए उनके साथ राहुल गुप्ता, माया गुप्ता, विनीत गुप्ता, पवन गुप्ता और राजेश गुप्ता गए थे लेकिन पुलिस ने रिसीविंग नहीं दी। वसुंधरा सेक्टर-13 में बीमा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर पार्थ गुप्ता (30) का 25 जुलाई को घर में शव लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की बात सामने आई थी। उनके शरीर पर चोट के निशान भी नहीं मिले। ममेरे भाई राजेश गुप्ता ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पत्नी और अन्य लोगों पर तनाव देने का आरोप लगाया है।
मृतक पार्थ गुप्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की बात आई थी। परिजनों की शिकायत मिली है। उस पर जांच कर कार्रवाई होगी। - स्वतंत्र कुमार सिंह, एसीपी