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कान्हा की दीवानी: चार किशोरी पहुंचीं वृंदावन, लड्डू गोपाल की मूर्ति साथ लेकर भागीं, परिवार पहुंचा थाने

Sat, 21 Sep 2024 10:15 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, साहिबाबाद

सार

पुलिस ने चारों के परिजनों से और जानकारी देने के लिए कहा। परिजनों से पता चला कि दो सातवीं और दो आठवीं की छात्रा हैं। चारों बांके बिहारी की भक्त हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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साहिबाबाद क्षेत्र की रहने वाली चार किशोरियों को कान्हा की ऐसी लगन लगी कि वे घर से भागकर वृंदावन पहुंच गईं। परिजनों के गुमशुदगी दर्ज कराने पर पुलिस ने तलाश की तो चारों निधिवन में मिलीं। चारों आपस में सहेलियां हैं। घर से लड्डू गोपाल की मूर्ति साथ ले गई थीं।
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पुलिस ने घर से भागने वजह पूछी तो भावुक होकर बोलीं, श्री बांके बिहारी से मिलना था, मम्मी-पापा से कह-कहकर थक गईं लेकिन उन्होंने सुना नहीं तो यह रास्ता चुना। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार की रात करीब डेढ़ बजे 15 साल उम्र की किशोरी के पिता थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी और उसकी 14-14 साल उम्र की तीन सहेलियां लापता हैं। काफी तलाश किया है, लेकिन कुछ पता नहीं चल पा रहा।

पुलिस ने चारों के परिजनों से और जानकारी देने के लिए कहा। परिजनों से पता चला कि दो सातवीं और दो आठवीं की छात्रा हैं। चारों बांके बिहारी की भक्त हैं। रोज लड्डू गोपाल की पूजा करती हैं। अक्सर कहती थीं कि वृंदावन जाना है, बांके बिहारी के दर्शन करने हैं। चारों अपने साथ घर से लड्डू गोपाल की मूर्ति भी ले गईं थीं।
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परिजनों ने बताया कि एक-बार उन्होंने कहा था कि अगर कोई साथ नहीं जाएगा तो वह खुद ही वृंदावन चली जाएंगी। शुक्रवार को स्कूल से आने के बाद चारों लापता हुई थीं। रात तक वे लोग उन्हें खुद ढूंढते रहे। इसके बाद पुलिस को बताया। एक किशोरी मोबाइल फोन साथ ले गई थी। पुलिस ने इसकी लोकेशन का पता लगाया। यह वृंदावन में ही बांके बिहारी मंदिर के पास निधिवन की मिलीं। पुलिस की टीम वहां भेजी गई। शनिवार की दोपहर चारों वहीं पर मिलीं। पुलिस वहां से उन्हें ले आई।

घर जाने से किया इन्कार
डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि चारों किशोरियां वृंदावन में मिलीं। उनसे घर जाने के लिए कहा गया तो साफ इन्कार कर दिया। कहने लगीं कि बांके बिहारी की नगरी में ही रहना है। उन्हें काफी समझाया, तब जाकर घर वापस जाने के लिए राजी हुईं। चारों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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