लोनी। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शुक्रवार को ट्राॅनिका सिटी में जालसाजों से ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो अब तक लगभग सात हजार फर्जी प्रमाण पत्र बना चुका है। इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह रही कि बांग्लादेश से अवैध रूप से सीमा पार करके आने वाले घुसपैठियों के भी फर्जी प्रमाण पत्र बना दिए। इनके जरिए वे खुद को भारतीय बताकर रह रहे हैं। जालसाजों का जाल पूरे देश में फैला हुआ है। फ्रेंचाइजी देकर 436 केंद्र खुलवा चुके हैं। सभी केंद्रों में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का काम हो रहा है।
गिरोह के पकड़े गए सदस्यों में साहिल निवासी बस्ती मास्टरमाइंड है। मौ. जुबैर निवासी प्रेमनगर लोनी, रियाजुद्दीन निवासी डीएलएफ अंकुर विहार, लोनी भी पकड़े गए हैं। साहिल ने पूछताछ में बताया कि गिरोह में जुबैर, इंदू अंसारी, अरसद, अनीश अहमद, शहीम अंसारी, इंद्रेश यादव, अफाक आलम, विवेक कुमार गुप्ता भी हैं। गिरफ्तार आरोपियों के पास से प्रिंटर, लोमिनेशन मशीन, लैपटाॅप, थंब स्कैनर, अस्पतालों और नगर पंचायतों के फर्जी हस्ताक्षर वाली रसीद बरामद की गई हैं।
एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि ये लोग अब तक 6,575 लोगों के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए और 224 के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए हैं। बड़ी संख्या में लोगों को कोरोना के टीकाकरण के फर्जी प्रमाण पत्र भी बनाकर दिए गए। इनका इस्तेमाल विदेश जाने में भी किया गया है।
फर्जी बेवसाइट का करते थे इस्तेमाल
जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए जालसाजों ने असली से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बना रखी थी।
सभी वेबसाइट को साॅफ्टवेयर डवलपर के जरिए चलवाया जा रहा था। लोग इन्हें असली समझकर आवेदन कर देते थे।
आवेदन करने वाले लोगों से संपर्क करके उनसे आवेदन शुल्क के नाम पर 100 से 1000 रुपये तक रकम ली जाती थी।
इसके बाद फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर उन्हें दे दिया जाता था। प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर भी फर्जी किए जाते थे।
कई लोगों से व्हाट्स एप और टेलीग्राम के जरिए संपर्क किया जाता था। जिनके पास दस्तावेज नहीं होते थे या अधूरे होते थे, उनसे ज्यादा पैसे लिए जाते थे।
गिरोह की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में लोग फर्जी प्रमाण पत्र ही बनवा रहे थे। इनमें घुसपैठिये भी शामिल हैं।
(जैसा एसटीएफ ने बताया)
फर्जी आधार कार्ड भी बनाए गए
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र की मदद से बड़ी संख्या में आधार कार्ड भी बनवाए गए हैं। इसकी जानकारी एसटीएफ को मिली है। आधार कार्ड बनवाने वालों में बड़ी संख्या घुसपैठियों की है। लोनी में हाल ही में बांग्लादेशी नागरिक पकड़ा गया था। इससे पहले भी अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। उनके पास भी प्रमाण पत्र मिले थे। एसटीएफ का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
मृत्यु प्रमाण पत्र से बीमा लेने की आशंका
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में एसटीएफ को बताया है कि कई लोगों ने मृत्यु प्रमाण पत्र बीमा कंपनी में क्लेम करने के लिए बनवाए। आशंका है कि उनमें से कई को बीमे की राशि मिल भी गई होगी। एएसपी का कहना है कि बीमा कंपनियों को भी फर्जी प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी भेजी जाएगी। फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों पर भी कार्रवाई होगी।