फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: 10 साल पहले भी तहसील परिसर में चली थी गोली, डीलर की हुई थी हत्या

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। सदर तहसील परिसर में करीब 10 साल पहले एक प्रॉपर्टी के विवाद में डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामला बालाजी विहार में कॉलोनी काटने से जुड़ा था।
विज्ञापन

पूर्व बार अध्यक्ष रामानंद गोयल ने बताया कि उस समय भी सुरक्षा पर सवाल उठाए गए थे। कुछ दिन तक पुलिस के जवान तहसील परिसर में रहे भी लेकिन फिर से व्यवस्था धड़ाम हो गई। अधिवक्ताओं ने अपने पैसे से परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए। परिसर में दो मेन गेट हैं जिससे अधिकारियों की गाड़ी आती हैं। दो सकंरे रास्ते हैं जिनसे केवल आदमी निकल सकता है। करीब चार साल पहले तक सुरक्षा के लिए गार्द बैठती थी लेकिन अब वो भी नहीं है। कई बार सुरक्षा के लिए बार की ओर से पुलिस-प्रशासन से मांग की जा चुकी है।
लखनऊ में कोर्ट परिसर में गैंगस्टर की गोली मारकर हत्या के बाद पूरे प्रदेश में कचहरी में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। परिसर में आने -जाने वालों की चेकिंग तक की व्यवस्था नहीं है। मेटल डिडेक्टर तक नहीं है। रामानंद गोयल का कहना है कि घटना की जांच कर दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
विज्ञापन

बार अध्यक्ष अशोक वर्मा का कहना है कि वकीलों की सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं है। तहसील परिसर में दिनदहाड़े ऐसी घटना होना पुलिस सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। उन्होंने पुलिस से सभी गेटों पर मेटल डिडेक्टर लगवाने और दो- दो सिपाहियों की ड्यूटी लगाने की मांग की है। बार सचिव विकास त्यागी ने घटना का दुखद बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मतबूत करने की मांग की है। विकास का कहना है कि करीब आठ साल पहले कुछ स्टांप वेंडरों से पैसे छीनने की घटनाएं हो चुकी हैं। परिसर में ही रजिस्ट्री दफ्तर हैं। रजिस्ट्री से यहां करोड़ों रुपये जमा किए जाते हैं इसलिए यहां सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम किए जाएं।अधिवक्ता विक्रांत शर्मा ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए तहसील परिसर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
मौत से पहले पेट में गड़बड़ होने की बात कह मंगाई थी दवा
मनोज रोज की तरह चैंबरमें पहुंचे थे। चैंबर में आने के बाद उन्हें कुछ देर बाद पेट में दर्द की शिकायत हुई। उन्होंने चैंबर में मौजूद कार्यालय सहायक जितेंद्र से मेडिकल स्टोर से दवा लाने भेजा। जितेंद्र का कहना है कि वह बाहर से जाकर दवा ले आए और उन्हें दी। खाना खा ही रहे थे तभी बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।
कोट
एसडीएम सदर विनय कुमार सिंह का कहना है कि परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हत्यारों की तलाश की जा रही है। पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। बदमाश जल्द ही गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें