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Ghaziabad News: सात लाख रुपये घर में छिपाकर कर्मचारी ने किया लूट का नाटक

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गिरफ्तार आरोपी और बरामद रकम।
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साहिबाबाद। दिल्ली की गीता काॅलोनी के कबाड़ कारोबारी शेरू मलिक की फर्म में 20 साल से काम कर रहे कर्मचारी गुलाब चंद (44) ने बैंक का 12 लाख का कर्ज चुकाने के लिए सात लाख रुपये की लूट हो जाने का नाटक किया। उसने रुपयों से भरा बैग अपने घर में छिपाने के बाद शेरू को फोन पर बताया कि उसके साथ बाइक सवार दो बदमाशों ने साहिबाबाद के राजेंद्रनगर में लूट की है।
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शालीमार गार्डन बी-ब्लॉक में रहने वाला गुलाब चंद इस रकम को कारोबारी के साझीदार से नंदग्राम से लेकर आया था। उसका इरादा लूट का नाटक कर रकम को हड़पने का था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने उसकी पोल खोल दी। शेरू की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल में लूट न होने के साक्ष्य जुटान के बाद गुलाब को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर उसके घर से पूरे सात लाख रुपये बरामद हो गए।



एसीपी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब सवा दस बजे साहिबाबाद थाना पुलिस को शेरू से सूचना मिली कि उनके कर्मचारी गुलाब से राजेंद्रनगर में मेट्रो स्टेशन के पास सात लाख रुपये की लूट हो गई है। इसके थोड़ी देर बाद ही राजेंद्रनगर पुलिस चौकी पर गुलाब चंद पहुंच गया। उसने भी पुलिस को यही बताया कि दो बदमाश उससे रुपयों से भरा बैग लूटकर ले गए हैं।
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इस पर चेकिंग शुरू कर दी गई। पुलिस की एक टीम ने मेट्रो स्टेशन के पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इनमें गुलाब चंद बाइक पर जाता नजर आया, लेकिन उसके साथ लूट होती नजर नहीं आई। वह आराम से जाता दिखा। उसे कारोबारी को काॅल करते हुए देखा गया। इस पर पुलिस को उस पर शक हो गया। उससे पुलिस की अलग-अलग टीम ने पूरा घटनाक्रम और बदमाशों का हुलिया पूछा। उसने टीमों को हुलिया अलग-अलग बताया। इससे शक और गहरा गया। उससे पूछताछ की गई तो उसने सच उगल दिया। उसके घर पर सात लाख रुपये मिल गए।




फ्लैट के लिए लिया था कर्ज चुका नहीं पा रहा था किस्त



पुलिस पूछताछ में गुलाब चंद ने बताया कि उसने पिछले साल फ्लैट लिया था। इसके लिए बैंक से कर्ज लिया था। कर्ज के 12 लाख रुपये बकाया था। पिछले कुछ महीनों से किश्त नहीं जा पा रही थी। काफी दिनों से यही सोचकर परेशान था कि कर्ज कैसे चुकाया जाएगा। पूरी कमाई घर के खर्च में ही खत्म हो जाती थी। ऐसे में उसने लूट का नाटक करने की साजिश रची। इसके लिए कहीं से मोटी रकम मिलने का इंतजार था। जैसे ही सात लाख रुपये से भरा बैग देखा, वैसे ही साजिश को अंजाम दे दिया। वह 20 साल से काम कर रहा था। इसलिए, उसे लगा कि मालिक उसकी बात पर यकीन कर लेंगे।



कारोबार के हर छोटे-बड़े काम करता था गुलाब चंद



कारोबारी शेरू मलिक ने पुलिस को बताया कि उन्हें गुलाब चंद पर पूरा भरोसा था। वह कारोबार के हर छोटे-बड़े काम करता था। बैंक से नकदी लाने और जमा कराने के लिए भी कई बार उसे ही भेजा जाता था। इससे पहले भी वह मोटा कैश लेकर आ चुका था। इसलिए, उसकी बात पर यकीन किया। 20 साल में उसने पहले कभी कोई धोखाधड़ी नहीं की थी। कभी सोचा भी नहीं था कि वह ऐसा कर सकता है।
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